T20 – टीम इंडिया की महिला क्रिकेट टीम इस समय इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर है। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल से पहले भारतीय खेमे में आत्मविश्वास चरम पर है और इसकी सबसे बड़ी वजह सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यादगार जीत है।
कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने जियोस्टार के कार्यक्रम ‘अनस्टॉपेबल’ में खुलासा किया कि आखिर कैसे विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज ने टीम को बड़ा आत्मविश्वास दिया और क्यों उन्हें लगा कि 338 रन का स्कोर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं था।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज ने बदली भारत की सोच
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई।
जियोस्टार के ‘अनस्टॉपेबल’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा,
“विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने का हमारा एकमात्र कारण यह था कि हम जानते थे कि हमें किसी न किसी स्तर पर उनका सामना करना ही होगा।”
हरमन ने माना कि भले ही भारत वह सीरीज नहीं जीत सका, लेकिन उस मुकाबले ने टीम को यह भरोसा दिलाया कि ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच अंतर बहुत ज्यादा नहीं है।
उन्होंने कहा,
“महत्वपूर्ण मौकों पर थोड़ा और बेहतर खेल, डेथ ओवरों में अच्छी गेंदबाजी और बेहतर फील्डिंग के साथ हम उन्हें हरा सकते थे। यही विश्वास विश्व कप में हमारे साथ रहा।”
जेमिमा रोड्रिग्स की पारी ने बढ़ाया टीम का आत्मविश्वास
सेमीफाइनल में जेमिमा रोड्रिग्स ने 127 रनों की शानदार पारी खेली, जिसे हरमनप्रीत कौर ने उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक बताया।
जेमिमा की यादगार पारी
| खिलाड़ी | रन |
|---|---|
| जेमिमा रोड्रिग्स | 127 |
| मुकाबला | ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल |
हरमन ने कहा,
“जेमिमा बिल्कुल भी जल्दबाजी में नहीं दिखीं। उन्होंने सही गेंदों पर हमला किया और स्ट्राइक रोटेट करने में शानदार संतुलन दिखाया।”
उनके मुताबिक, इस पारी ने पूरी टीम का मनोबल बढ़ा दिया और खिलाड़ियों को विश्वास हो गया कि वे विश्व कप जीत सकती हैं।
ऑस्ट्रेलिया का स्कोर देखकर क्या सोच रही थीं जेमिमा?
ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में आक्रामक बल्लेबाजी की और फीबी लिचफील्ड तथा एलिसे पेरी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
जियोस्टार से बातचीत में जेमिमा रोड्रिग्स ने कहा,
“उनकी बल्लेबाजी देखकर मुझे लगा कि हम हार गए हैं, ऑस्ट्रेलिया 400 रन बना लेगी।”
हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की और आखिरी ओवरों में रन गति पर नियंत्रण रखते हुए ऑस्ट्रेलिया को 338 रन पर रोक दिया।
जेमिमा ने कहा,
“मैंने ऋचा घोष से कहा था कि वे 20 रन कम रह गए। डी वाई पाटिल स्टेडियम में कोई भी स्कोर पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता।”
दीप्ति शर्मा ने बढ़ाया हौसला
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए जेमिमा शारीरिक रूप से काफी थक चुकी थीं। उन्होंने बताया कि उस समय दीप्ति शर्मा ने उन्हें लगातार प्रेरित किया।
उन्होंने कहा,
“मैंने दीप्ति से कहा कि मैं बहुत थक गई हूं। तब उन्होंने कहा, ‘जेमिमा, चिंता मत करो। तुम बहुत अच्छा खेल रही हो। बस अंत तक क्रीज पर टिकी रहो। बड़े शॉट खेलने का जोखिम मैं उठाऊंगी।'”
लक्ष्य का पीछा करते समय टीम की सोच
| स्थिति | प्रतिक्रिया |
|---|---|
| बड़ा लक्ष्य | घबराहट नहीं |
| जेमिमा थकीं | दीप्ति ने हौसला बढ़ाया |
| टीम का विश्वास | अंत तक लड़ने का |
भारत की नजर अब पहले महिला टी20 विश्व कप खिताब पर
ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराने के बाद भारतीय महिला टीम अब अपने पहले आईसीसी महिला टी20 विश्व कप खिताब से सिर्फ एक कदम दूर है।
कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम इस ऐतिहासिक मौके को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।















