IPL – हाल ही में समाप्त हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 सीजन के बाद विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने साफ कर दिया है कि वह विदेशी खिलाड़ियों और उनकी फ्रेंचाइजी के बीच उपलब्धता से जुड़े मामलों में किसी तरह की मध्यस्थता नहीं करेगा।
बीसीसीआई का मानना है कि यह मामला खिलाड़ियों और संबंधित फ्रेंचाइजी के बीच आपसी समझ का विषय है। वहीं, बोर्ड भविष्य में आईपीएल का विस्तार करते हुए 2028 सीजन से मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने की योजना पर भी काम कर रहा है।
विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता पर BCCI का रुख साफ
आईपीएल में कई बार विदेशी खिलाड़ी चोट, राष्ट्रीय टीम की प्रतिबद्धताओं या वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण पूरे सीजन में उपलब्ध नहीं रह पाते हैं। इसके बावजूद बीसीसीआई का कहना है कि इस मामले में फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी खुद फैसला करें।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा,
“टीम ही खिलाड़ियों की संरक्षक होती हैं। हम इसे फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के बीच की समझ पर छोड़ते हैं। कुछ खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता देते हैं तो कुछ आईपीएल को। हमारे नियम पूरी तरह स्पष्ट हैं।”
आईपीएल 2026 में कई स्टार खिलाड़ी रहे प्रभावित
आईपीएल 2026 के दौरान ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे दिग्गज खिलाड़ी शुरुआती चरण में चोटों के कारण पूरी तरह उपलब्ध नहीं थे।
दिल्ली कैपिटल्स को मिचेल स्टार्क की गैरमौजूदगी का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने सैम करन के चोट के कारण आईपीएल छोड़ने और बाद में इंग्लैंड में टी20 क्रिकेट खेलने पर निराशा जताई थी।
पंजाब किंग्स के सह-मालिक ने उठाया मुद्दा
पंजाब किंग्स के सह-मालिक मोहित बर्मन का मानना है कि विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर बीसीसीआई और अन्य क्रिकेट बोर्डों के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए।
हालांकि, बीसीसीआई इस मामले में किसी केंद्रीय हस्तक्षेप के पक्ष में नजर नहीं आ रहा है।
जोफ्रा आर्चर का दिया उदाहरण
बीसीसीआई सूत्र ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का उदाहरण देते हुए कहा कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) उनके वर्कलोड को नियंत्रित करना चाहता था, लेकिन इसके बावजूद वह राजस्थान रॉयल्स के लिए पूरे टूर्नामेंट में उपलब्ध रहे।
सूत्र ने यह भी कहा,
“जहां तक सैम करन का सवाल है, फ्रेंचाइजी को पता होगा कि अगले सीजन के लिए क्या फैसला लेना है।”
नीलामी बजट बढ़ाने पर भी हो रहा विचार
फिलहाल आईपीएल मेगा ऑक्शन का कुल बजट 125 करोड़ रुपये है। बीसीसीआई का कहना है कि भविष्य में इसमें बढ़ोतरी की जा सकती है, लेकिन यह फैसला पूरे ढांचे को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
सूत्र के मुताबिक,
“कई खिलाड़ी एक सीजन में बड़ी रकम कमाते हैं, लेकिन अगले सीजन में नजर नहीं आते। इसके अलावा कुछ फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों को अनुबंध राशि से कहीं अधिक भुगतान भी करती हैं। खिलाड़ियों को प्रति मैच 7.5 लाख रुपये मैच फीस और अतिरिक्त प्रायोजन से भी कमाई होती है।”
2028 से आईपीएल में होंगे 94 मैच
बीसीसीआई 2028 सीजन से आईपीएल का विस्तार करने की तैयारी में है। योजना के तहत मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 की जाएगी।
इसके लिए बोर्ड नई विंडो पर विचार कर रहा है। बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह से मई के मध्य तक का समय सबसे उपयुक्त रहेगा।
सूत्र ने कहा,
“मौजूदा विंडो में 94 मैच कराना संभव नहीं है क्योंकि मई के बाद मानसून शुरू हो जाता है। या तो टूर्नामेंट को दो हिस्सों में बांटना होगा या फिर मार्च के पहले सप्ताह से शुरू कर 15 मई तक पूरा करना होगा।”
फ्रेंचाइजी की बढ़ सकती हैं चुनौतियां
अगर आईपीएल में मैचों की संख्या बढ़ती है तो विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता और वर्कलोड मैनेजमेंट का मुद्दा और बड़ा बन सकता है। ऐसे में फ्रेंचाइजी को अपने स्क्वॉड प्लानिंग और बैकअप खिलाड़ियों पर अधिक ध्यान देना पड़ सकता है।















