Duleep Trophy – अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने सोमवार को बेंगलुरु में खेले जा रहे डॉ. (कैप्टन) के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट में शानदार शतक लगाकर एक बार फिर अपनी फॉर्म का परिचय दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) सचिव एकादश की ओर से खेलते हुए 183 गेंदों में 104 रन की पारी खेली।
करुण की इस पारी में 12 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनका यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब चेन्नई में ईस्ट जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी का फाइनल खेला जा रहा है और साउथ जोन की टीम में करुण को जगह नहीं मिली है। ऐसे में उनका शतक यह सवाल जरूर खड़ा कर रहा है कि क्या साउथ जोन को फाइनल में करुण नायर की कमी खल रही है?
करुण नायर ने फिर दिखाया अपना दम
करुण नायर ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में छत्तीसगढ़ के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 183 गेंदों का सामना करते हुए 104 रन बनाए और अपनी पारी में 12 चौके तथा एक छक्का लगाया।
उनकी शतकीय पारी की बदौलत KSCA सचिव एकादश ने मुकाबले के पहले दिन 90 ओवर में 9 विकेट खोकर 277 रन बनाए।
करुण का यह शतक उनकी मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है और साउथ जोन के चयन को लेकर चर्चा को भी फिर हवा दे सकता है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में नहीं मिली जगह
करुण नायर को जारी दलीप ट्रॉफी फाइनल के लिए साउथ जोन की टीम में शामिल नहीं किया गया है। फाइनल में साउथ जोन का सामना ईस्ट जोन से हो रहा है।
साउथ जोन की कप्तानी तिलक वर्मा कर रहे हैं। वहीं ईस्ट जोन ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 700 से ज्यादा रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
ईशान किशन ने शानदार दोहरा शतक लगाते हुए 270 रन की पारी खेली और ईस्ट जोन को पहली पारी में 708 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
ऐसे में करुण नायर जैसे अनुभवी बल्लेबाज की गैरमौजूदगी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कोच ने बताया करुण को बाहर रखने का कारण
साउथ जोन के कोच विक्रम वर्मा ने करुण नायर को टीम में शामिल नहीं किए जाने के फैसले पर सफाई दी।
उन्होंने बताया कि टीम ने एक खास संयोजन को ध्यान में रखते हुए प्लेइंग कॉम्बिनेशन तैयार किया था। साउथ जोन की नजर विरोधी टीम के दो बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ बेहतर बल्लेबाजी विकल्प तैयार करने पर थी।
कोच के मुताबिक, मध्यक्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज को रखने से टीम को स्पिनरों पर दबाव बनाने का बेहतर मौका मिल सकता था।
उन्होंने यह भी कहा कि देवदत्त पडिक्कल की वापसी के बाद टीम संयोजन का सवाल और महत्वपूर्ण हो गया था। करुण को बाहर रखना आसान फैसला नहीं था, लेकिन टीम के लिए सबसे बेहतर संयोजन को प्राथमिकता दी गई।
रणजी ट्रॉफी में भी करुण ने किया था शानदार प्रदर्शन
करुण नायर की मौजूदा फॉर्म कोई अचानक आई चीज नहीं है। उन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में कर्नाटक के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 699 रन बनाए थे।
इसके बावजूद साउथ जोन की टीम में उन्हें जगह नहीं मिली।
अब अपने घरेलू शहर बेंगलुरु में शतक लगाने के बाद करुण ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने अपनी दावेदारी को एक बार फिर मजबूत किया है।
‘व्यक्तिगत कारणों’ से लौटे थे करुण
साउथ जोन के कोच विक्रम वर्मा ने करुण नायर के टीम से लौटने को व्यक्तिगत कारणों से जोड़ा था।
उन्होंने बताया था कि करुण घर लौटना चाहते थे और उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए यात्रा की अनुमति मांगी थी।
हालांकि, इसके बाद बेंगलुरु में आयोजित टूर्नामेंट में करुण की भागीदारी और शतक ने इस पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। उनके प्रदर्शन से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उनकी गैरमौजूदगी के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत कारण ही थे।
साउथ जोन के गेंदबाज भी रहे बेअसर
जहां एक तरफ करुण नायर ने बेंगलुरु में शतक लगाकर अपनी फॉर्म दिखाई, वहीं दूसरी तरफ दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए।
सोमवार को लगातार दूसरे दिन साउथ जोन के गेंदबाज ईस्ट जोन के बल्लेबाजों पर प्रभाव नहीं डाल सके।
टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भी सपाट पिच पर अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाए। बल्लेबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
क्या साउथ जोन को खल रही है करुण नायर की कमी?
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन का विशाल स्कोर और साउथ जोन की गेंदबाजी को देखते हुए करुण नायर की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है।
करुण के पास घरेलू क्रिकेट का लंबा अनुभव है और वह बड़े स्कोर बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अगर उन्हें साउथ जोन की प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता, तो मध्यक्रम को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती थी।
हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने अलग रणनीति और संयोजन के आधार पर फैसला लिया था। अब करुण के शतक ने इस चयन को लेकर बहस को जरूर तेज कर दिया है।
करुण नायर के प्रदर्शन पर एक नजर
| मुद्दा | जानकारी |
|---|---|
| खिलाड़ी | करुण नायर |
| टीम | KSCA सचिव एकादश |
| विपक्षी | छत्तीसगढ़ |
| रन | 104 |
| गेंदें | 183 |
| चौके | 12 |
| छक्के | 1 |
| टूर्नामेंट | के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट |
| रणजी ट्रॉफी 2025-26 | 699 रन |
| दलीप ट्रॉफी फाइनल | साउथ जोन टीम में शामिल नहीं |
| साउथ जोन कप्तान | तिलक वर्मा |
| ईस्ट जोन का पहली पारी स्कोर | 708 रन |
| ईस्ट जोन के स्टार बल्लेबाज | ईशान किशन |













