ICC Pitch : लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम की पिच पर ICC का बड़ा एक्शन, दोनों को बताया ‘असंतोषजनक’

Atul Kumar
Published On:
ICC Pitch

ICC Pitch – इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड और पाकिस्तान के लाहौर स्थित गद्दाफी स्टेडियम की पिचों पर बड़ा फैसला सुनाया है। आईसीसी ने दोनों मैदानों की पिच को ‘Unsatisfactory’ (असंतोषजनक) करार दिया है और साथ ही पिच एवं आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी दिए हैं।

यह फैसला मैच रेफरी की रिपोर्ट और दोनों टीमों के कप्तानों तथा मैच अधिकारियों से मिले फीडबैक के आधार पर लिया गया है।

किन मैचों की पिच पर हुई कार्रवाई?

आईसीसी ने जिन पिचों को असंतोषजनक माना है, उनमें शामिल हैं—

  • लॉर्ड्स में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया पहला टेस्ट मैच।
  • लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया तीसरा वनडे मुकाबला।

मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट और ग्रीम ला ब्रूय ने अपनी रिपोर्ट में इन पिचों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई थीं।

लॉर्ड्स की पिच में क्या थी समस्या?

लॉर्ड्स टेस्ट में गेंदबाजों को जरूरत से ज्यादा मदद मिल रही थी। मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट के अनुसार पिच पर अत्यधिक सीम मूवमेंट, असमान उछाल और कई गेंदों का बहुत नीचे रहना मुकाबले का संतुलन बिगाड़ रहा था।

उन्होंने कहा,

“पूरे टेस्ट में बहुत ज्यादा सीम मूवमेंट था और कई मौकों पर गेंद बहुत नीचे रही। बाउंस लगातार बदलता रहा और पिच के कारण बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ गया था।”

इस टेस्ट मैच के पहले दो दिनों में ही 33 विकेट गिर गए थे, जिनमें बड़ी संख्या में बल्लेबाज बोल्ड या एलबीडब्ल्यू आउट हुए।

लाहौर की वनडे पिच पर भी उठे सवाल

पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे वनडे में भी बल्लेबाजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

मैच रेफरी ग्रीम ला ब्रूय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिच बेहद धीमी और नीची थी, जिससे रन बनाना आसान नहीं था।

उन्होंने कहा,

“पिच धीमी और नीची थी और बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बहुत कठिन था। एक वनडे मैच के लिए यह आदर्श पिच नहीं थी, क्योंकि शुरुआत से ही स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल रही थी।”

उनके मुताबिक पूरी पारी के दौरान बल्लेबाजों को लय पकड़ने में काफी समय लगा।

क्या होता है डिमेरिट पॉइंट?

आईसीसी की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत खराब पिचों को डिमेरिट पॉइंट दिए जाते हैं।

यदि किसी मैदान को निर्धारित समय सीमा के भीतर लगातार डिमेरिट पॉइंट मिलते रहते हैं, तो उस मैदान पर अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।

ICC की कार्रवाई

स्टेडियममैचपिच रेटिंगडिमेरिट पॉइंट
लॉर्ड्स, लंदनइंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड टेस्टअसंतोषजनक1
गद्दाफी स्टेडियम, लाहौरपाकिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरा वनडेअसंतोषजनक1

दोनों पिचों पर गेंदबाजों का रहा दबदबा

लॉर्ड्स टेस्ट में तेज गेंदबाजों को अत्यधिक सीम मूवमेंट और असमान उछाल का फायदा मिला, जबकि लाहौर की पिच पर धीमेपन के कारण स्पिनरों का दबदबा देखने को मिला।

आईसीसी का मानना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बना रहना चाहिए और यही संतुलन इन दोनों मैचों में देखने को नहीं मिला।

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