Pakistan vs England – इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की लगातार दो करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया।
हेडिंग्ले में पहला टेस्ट पारी और 103 रन से गंवाने के बाद पाकिस्तान को लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी 194 रन से हार मिली। इसके बाद तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले PCB ने टीम में बड़ा बदलाव करते हुए सात खिलाड़ियों को स्वदेश वापस भेज दिया और दो कोचों को पद से हटा दिया।
PCB के इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व PCB चेयरमैन रमीज राजा भड़क गए हैं। उनका मानना है कि घबराहट में लिए गए इस तरह के फैसलों से टीम की स्थिति बेहतर होने के बजाय और खराब हो सकती है।
रमीज राजा बोले- PCB ने ‘पैनिक बटन’ दबा दिया
रमीज राजा ने PCB के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ‘पैनिक बटन’ दबा दिया है।
उन्होंने बीबीसी रेडियो 5 लाइव से बातचीत में कहा कि अचानक इतने बड़े बदलाव क्रिकेट के लिए अच्छे नहीं हैं। खासकर उन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर इसका असर पड़ सकता है, जिन्हें टीम में शामिल किया गया है।
रमीज ने सवाल किया कि क्या इतने बड़े बदलाव के बाद पाकिस्तान को तुरंत अच्छे नतीजे मिलने की कोई गारंटी है। उनके मुताबिक टीम में शामिल कुछ नए खिलाड़ियों ने अभी टेस्ट क्रिकेट तक नहीं खेला है।
‘हमने वर्ल्ड क्रिकेट में ऐसा कितनी बार देखा है?’
रमीज राजा ने PCB की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्व क्रिकेट में उन्होंने इस तरह का फैसला बहुत कम देखा है।
उन्होंने इसकी तुलना फुटबॉल से करते हुए कहा कि यह ऐसा है जैसे किसी टीम के मैनेजर को सीजन के बीच में ही बर्खास्त कर दिया जाए।
रमीज के मुताबिक, वह इस स्थिति से बिल्कुल खुश नहीं हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि PCB ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
सात खिलाड़ियों को किया गया टीम से रिलीज
PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान की टीम में बड़ा फेरबदल किया है। बोर्ड ने मोहम्मद रिजवान, इमाम उल हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद को टीम से रिलीज कर दिया।
इन खिलाड़ियों की जगह सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है।
पाकिस्तान टीम में शामिल हुए नए खिलाड़ी
- साइम अयूब
- अब्दुल्ला फजल
- अराफात मिन्हास
- साद बेग
- मुहम्मद रंधावा
- रजाउल्लाह
- मुहम्मद इमरान जूनियर
इन सात खिलाड़ियों में से पांच खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं। वहीं मुहम्मद रंधावा और रजाउल्लाह ने अभी तक पाकिस्तान का किसी भी स्तर पर प्रतिनिधित्व नहीं किया है।
सरफराज अहमद और उमर गुल भी बाहर
सिर्फ खिलाड़ियों में ही बदलाव नहीं किया गया, बल्कि PCB ने कोचिंग स्टाफ में भी बड़ा परिवर्तन कर दिया।
सरफराज अहमद को मुख्य कोच के पद से हटा दिया गया है, जबकि गेंदबाजी कोच उमर गुल की भी छुट्टी कर दी गई है।
उनकी जगह माइक हेसन को नया हेड कोच बनाया गया है। वहीं गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी एश्ले नॉफ्के को सौंपी गई है।
यानी पाकिस्तान की टीम तीसरे टेस्ट में खिलाड़ियों से लेकर कोचिंग स्टाफ तक काफी बदली हुई नजर आएगी।
रमीज राजा ने पूछा- नतीजों की क्या गारंटी?
रमीज राजा का सबसे बड़ा सवाल यही है कि अचानक किए गए बदलावों से पाकिस्तान को बेहतर नतीजे मिलने की गारंटी क्या है।
उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी टीम में आए हैं, उनमें से कुछ ने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। ऐसे में सीरीज के निर्णायक और आखिरी मुकाबले में उन पर अतिरिक्त दबाव हो सकता है।
पाकिस्तान पहले ही सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट हार चुका है। ऐसे में नए खिलाड़ियों के लिए इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में खुद को साबित करना आसान नहीं होगा।
तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम में
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में खेला जाना है।
इंग्लैंड पहले ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। ऐसे में पाकिस्तान के सामने अब सीरीज में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती है।
लेकिन टीम में इतने बड़े बदलाव के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि नए खिलाड़ी दबाव में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
PCB के फैसले पर क्यों उठ रहे सवाल?
PCB के फैसले को लेकर मुख्य सवाल टीम में बदलाव की टाइमिंग और तरीके को लेकर उठ रहे हैं।
- दो टेस्ट हारने के बाद अचानक सात खिलाड़ियों को रिलीज किया गया।
- सीरीज के बीच मुख्य कोच बदला गया।
- गेंदबाजी कोच को भी हटा दिया गया।
- कुछ ऐसे खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है, जिन्होंने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला।
- नए खिलाड़ियों को इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तुरंत प्रदर्शन करना होगा।
रमीज राजा का मानना है कि इस तरह के फैसले खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के बजाय उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्या पाकिस्तान तीसरे टेस्ट में वापसी कर पाएगा?
पाकिस्तान के लिए तीसरा टेस्ट अब प्रतिष्ठा बचाने का मुकाबला है। लगातार दो हार के बाद टीम मैनेजमेंट ने जिस तरह से बड़े बदलाव किए हैं, उनका असर मैदान पर देखने को मिलेगा।
एक ओर युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का शानदार मौका है, तो दूसरी ओर अनुभव की कमी पाकिस्तान के लिए बड़ी समस्या बन सकती है।
अगर नए खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो PCB के फैसले को सही ठहराने के लिए उसके पास मजबूत तर्क होगा। लेकिन अगर तीसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान को हार मिलती है, तो बोर्ड की रणनीति पर सवाल और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।













