IND vs SL – भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज समाप्त हो चुकी है और टीम इंडिया ने इसे 1-0 से अपने नाम किया।
इस सीरीज में अगर किसी बल्लेबाज ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया, तो वह देवदत्त पडिक्कल रहे। लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापसी करने वाले पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए चयनकर्ताओं के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में पडिक्कल ने 328 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 109.33 और स्ट्राइक रेट 65.86 रहा। इस दौरान उन्होंने 33 चौके और एक छक्का लगाया। वह सोनल दिनुशा के बाद सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। पडिक्कल ने सीरीज में दो शतक भी लगाए।
चोट ने दिया मौका, पडिक्कल ने कर दिया कमाल
देवदत्त पडिक्कल को श्रीलंका के खिलाफ प्लेइंग XI में जगह साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद मिली। पडिक्कल ने इससे पहले अपना आखिरी टेस्ट 2024 के अंत में खेला था।
लगभग डेढ़ साल से ज्यादा समय बाद भारतीय टेस्ट टीम में लौटे पडिक्कल के सामने खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती थी। लेकिन उन्होंने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उससे उन्होंने टीम मैनेजमेंट के सामने नंबर-3 की दावेदारी बेहद मजबूत कर दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भारत न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगा और साई सुदर्शन पूरी तरह फिट होंगे, तो नंबर-3 पर किसे मौका मिलेगा?
रविचंद्रन अश्विन ने चुना पडिक्कल का नाम
पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस बहस में अपनी राय स्पष्ट कर दी है। अपने यूट्यूब शो ‘ऐश की बात’ में अश्विन ने कहा कि न्यूजीलैंड सीरीज में देवदत्त पडिक्कल को ही नंबर-3 पर मौका मिलना चाहिए।
वरिष्ठ खेल पत्रकार विमल कुमार के सवाल पर अश्विन ने कहा कि उनके मुताबिक पडिक्कल को टीम की प्लेइंग XI में होना चाहिए।
अश्विन ने कहा कि पडिक्कल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार रन बनाए हैं और अपने मौके का इंतजार किया है। उन्होंने यहां तक कहा कि साई सुदर्शन फिट होते तब भी उनकी नजर में पडिक्कल को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।
अश्विन बोले- ‘देवदत्त को ही स्टार्ट करना होगा’
अश्विन के मुताबिक, पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ मिले मौके को पूरी तरह भुनाया है। उनका मानना है कि अब उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।
अश्विन ने पडिक्कल की फर्स्ट क्लास क्रिकेट में निरंतरता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर लंबे समय तक अपने मौके का इंतजार किया हो, उसे मौका मिलने के बाद प्रदर्शन करने पर आगे भी समर्थन मिलना चाहिए।
उनकी राय में भारतीय टीम के लिए नंबर-3 पर अब पडिक्कल को ही खेलना चाहिए।
साई सुदर्शन और पडिक्कल में किसका रिकॉर्ड बेहतर?
अगर दोनों खिलाड़ियों के टेस्ट करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो देवदत्त पडिक्कल फिलहाल बेहतर औसत के साथ आगे दिखाई देते हैं।
| रिकॉर्ड | साई सुदर्शन | देवदत्त पडिक्कल |
|---|---|---|
| टेस्ट मैच | 7 | 4 |
| टेस्ट पारियां | 12 | 6 |
| टेस्ट रन | 383 | 418 |
| बल्लेबाजी औसत | 31.92 | 69.67 |
| टेस्ट शतक | 0 | 2 |
पडिक्कल ने सिर्फ चार टेस्ट मैचों की छह पारियों में 418 रन बनाए हैं। उनका औसत 69.67 है। वहीं साई सुदर्शन ने सात टेस्ट मैचों की 12 पारियों में 383 रन बनाए हैं और उनका औसत 31.92 है।
हालांकि सैंपल साइज छोटा होने के कारण इन आंकड़ों के आधार पर किसी खिलाड़ी की पूरी क्षमता का अंतिम फैसला करना जल्दबाजी होगी।
न्यूजीलैंड दौरे पर किसे मिलेगा नंबर-3?
न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होगी जो नई गेंद और तेज गेंदबाजों के खिलाफ तकनीकी रूप से मजबूत हो।
पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार बड़े स्कोर बनाकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है। दूसरी ओर साई सुदर्शन को भी टीम मैनेजमेंट पहले मौका दे चुका है और उनके पास खुद को दोबारा साबित करने का अवसर होगा।
ऐसे में न्यूजीलैंड दौरे से पहले नंबर-3 की रेस भारतीय टेस्ट टीम के सबसे दिलचस्प चयन मुद्दों में से एक बन सकती है।
पडिक्कल के लिए बदल सकता है टेस्ट करियर
देवदत्त पडिक्कल के लिए श्रीलंका सीरीज एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद उन्हें मौका मिला और उन्होंने उसका भरपूर फायदा उठाया।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके प्रदर्शन के बाद अब टेस्ट स्तर पर भी उन्होंने अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। दो शतक और 109 से ज्यादा के औसत ने निश्चित रूप से चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर किया होगा।
अब देखना होगा कि साई सुदर्शन की वापसी के बाद भारतीय टीम पडिक्कल पर भरोसा कायम रखती है या फिर दोनों खिलाड़ियों में से किसी एक को चुनने का फैसला करती है।













