India A – इंडिया ए की टीम श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय वनडे सीरीज के चौथे मुकाबले में एक समय बड़े संकट में फंस गई थी। 143 रन पर सात विकेट गंवाने के बाद ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 200 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी। लेकिन युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने शानदार साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया।
दांबुला के रांगिरी दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने आठवें विकेट के लिए 104 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभाला। सूर्यांश शेडगे ने लगातार तीसरे मैच में उपयोगी पारी खेलते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
मुश्किल में फंसी थी इंडिया ए की टीम
मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया ए की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रीलंकाई स्पिनरों के सामने टिक नहीं सके।
एक समय भारतीय टीम 91 रन पर दो विकेट गंवाकर मजबूत स्थिति में थी, लेकिन इसके बाद विकेटों की झड़ी लग गई और स्कोर 143/7 पहुंच गया। कप्तान तिलक वर्मा और उपकप्तान रुतुराज गायकवाड़ भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।
सूर्यांश शेडगे ने फिर दिखाई दमदार बल्लेबाजी
मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने उतरे सूर्यांश शेडगे ने शानदार संयम और आक्रामकता का मिश्रण दिखाया।
मुंबई के इस युवा खिलाड़ी ने 66 गेंदों पर 72 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें तीन चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने न केवल पारी को संभाला बल्कि अंतिम ओवरों में तेजी से रन भी जुटाए।
यह त्रिकोणीय सीरीज में सूर्यांश की लगातार तीसरी प्रभावशाली पारी रही है।
पहले भी खेल चुके हैं अहम पारियां
सूर्यांश शेडगे ने इससे पहले श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाए थे। उस पारी में उन्होंने आखिरी ओवरों में एक चौका और दो छक्के जड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया था।
वहीं अफगानिस्तान ए के खिलाफ भी उन्होंने 27 गेंदों में 40 रन बनाए थे, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे।
लगातार उपयोगी पारियां खेलकर सूर्यांश ने यह साबित किया है कि वह दबाव की परिस्थितियों में भी टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं।
विप्रज निगम ने दिया शानदार साथ
जब भारतीय टीम संकट में थी, तब उत्तर प्रदेश के युवा ऑलराउंडर विप्रज निगम ने भी जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने 49 गेंदों पर 51 रन की शानदार पारी खेली और सूर्यांश के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 104 रन जोड़ दिए। विप्रज ने अपनी पारी में छह चौके लगाए और लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए दबाव कम किया।
दोनों बल्लेबाजों ने खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया और श्रीलंकाई गेंदबाजों को वापसी का मौका नहीं दिया।
सूर्यवंशी ने दिलाई तेज शुरुआत
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 14 गेंदों में 21 रन बनाए।
अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी के दौरान सूर्यवंशी ने तेज गेंदबाज चमिका गुणाशेखर के खिलाफ एक छक्का और दो चौके लगाए। हालांकि वह ऑफ स्पिनर साहन अराचिगे की गेंद पर प्वाइंट पर कैच देकर आउट हो गए।
तिलक और गायकवाड़ की साझेदारी भी नहीं आई काम
कप्तान तिलक वर्मा (23) और उपकप्तान रुतुराज गायकवाड़ (32) ने तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की थी।
दो विकेट पर 91 रन के स्कोर पर भारत अच्छी स्थिति में नजर आ रहा था, लेकिन इसके बाद श्रीलंका के स्पिनरों ने शानदार वापसी की। विजयकांत व्यासकांत ने गायकवाड़ को एलबीडब्ल्यू आउट किया, जबकि तिलक वर्मा भी जल्द ही पवेलियन लौट गए।
265 रन तक पहुंची इंडिया ए
सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत इंडिया ए ने 49.2 ओवर में सभी विकेट खोकर 265 रन बनाए।
एक समय 150 रन से पहले सात विकेट गंवा चुकी भारतीय टीम के लिए यह स्कोर किसी राहत से कम नहीं था।
चयनकर्ताओं की नजर में आए सूर्यांश शेडगे
हालांकि सूर्यांश अभी गेंदबाजी में प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं, लेकिन बल्लेबाजी में लगातार प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य के संभावित भारतीय ऑलराउंडर के रूप में चर्चा में ला दिया है।
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अब इंडिया ए के लिए उनकी निरंतरता चयनकर्ताओं को जरूर प्रभावित कर रही होगी।















