Gavaskar – भारतीय टी20 टीम की कप्तानी से सूर्यकुमार यादव को हटाए जाने का फैसला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब इस मुद्दे पर क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी अपनी राय रखी है।
गावस्कर का मानना है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 जिताने वाले कप्तान को इतनी जल्दी हटाना सही फैसला नहीं था। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं को कम से कम इंग्लैंड सीरीज तक सूर्यकुमार यादव को मौका देना चाहिए था और उसके बाद प्रदर्शन के आधार पर कोई फैसला लेना चाहिए था।
सूर्यकुमार को तुरंत हटाना सही नहीं था: गावस्कर
बीसीसीआई ने हाल ही में आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी20 टीम का ऐलान किया। इस दौरान सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाकर श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया।
यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला रहा क्योंकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल टी20 विश्व कप का खिताब जीता था।
स्पोर्ट्स तक को दिए इंटरव्यू में गावस्कर ने कहा कि चयनकर्ताओं को थोड़ा और इंतजार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा,
“आप यह भी कह सकते हैं कि अभी दो साल बाकी हैं। 2028 वर्ल्ड कप और 2028 ओलंपिक के लिए समय था। इंग्लैंड की पांच मैचों की टी20 सीरीज में सूर्यकुमार यादव को मौका दिया जा सकता था और उसके बाद फैसला लिया जा सकता था।”
आईपीएल 2026 प्रदर्शन बना वजह?
गावस्कर ने संकेत दिया कि आईपीएल 2026 में सूर्यकुमार यादव का साधारण प्रदर्शन भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि कप्तानी छिनने की वजह आईपीएल था, लेकिन उनका मानना है कि हालिया फॉर्म ने चयन समिति की सोच को प्रभावित किया होगा।
कप्तानी बदलाव के संभावित कारण
| कारण | चर्चा |
|---|---|
| आईपीएल 2026 में खराब फॉर्म | चयनकर्ताओं की चिंता |
| उम्र | भविष्य की योजना |
| 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप | लंबी अवधि की रणनीति |
| युवा नेतृत्व की जरूरत | श्रेयस अय्यर को मौका |
चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखा
गावस्कर का मानना है कि चयन समिति ने सिर्फ वर्तमान नहीं बल्कि अगले दो वर्षों की योजनाओं को ध्यान में रखकर फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि अगर भारत को 2028 ओलंपिक में गोल्ड मेडल और अगले टी20 विश्व कप में खिताब बचाने की चुनौती पूरी करनी है, तो ऐसे कप्तान की जरूरत होगी जो लंबे समय तक टीम का नेतृत्व कर सके।
उन्होंने कहा,
“सूर्यकुमार यादव अभी 35-36 साल के हैं। दो साल बाद वह 38 के होंगे। इसलिए चयनकर्ताओं ने शायद ऐसे कप्तान को चुनना बेहतर समझा जो थोड़ा युवा हो और जिसके पास नेतृत्व का अनुभव भी हो।”
श्रेयस अय्यर पर जताया भरोसा
गावस्कर ने यह भी माना कि श्रेयस अय्यर के पास कप्तानी का पर्याप्त अनुभव है।
आईपीएल में उनकी कप्तानी के रिकॉर्ड को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी उपलब्धियां
| उपलब्धि | विवरण |
|---|---|
| आईपीएल 2024 | टीम को खिताब दिलाया |
| आईपीएल 2025 | फाइनल तक पहुंचाया |
| 2026 | भारतीय टी20 कप्तान नियुक्त |
धोनी जैसी विरासत छोड़ेंगे सूर्या
हालांकि कप्तानी छिनने के फैसले पर सवाल उठाने वाले गावस्कर ने सूर्यकुमार यादव की जमकर तारीफ भी की।
इंडिया टुडे को दिए एक अन्य इंटरव्यू में उन्होंने सूर्यकुमार की तुलना महेंद्र सिंह धोनी से की।
गावस्कर के अनुसार सूर्या की सबसे बड़ी खूबी उनका शांत स्वभाव है, जो दबाव की परिस्थितियों में भी दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि यह गुण उन्हें एक सफल कप्तान बनाता है और यही चीज वह भारतीय क्रिकेट को विरासत के रूप में देकर जाएंगे।
गावस्कर ने सूर्या में क्या देखा?
| गुण | तुलना |
|---|---|
| शांत स्वभाव | महेंद्र सिंह धोनी |
| दबाव में संयम | धोनी जैसी सोच |
| नेतृत्व क्षमता | विश्व कप विजेता कप्तान |
| टीम मैनेजमेंट | खिलाड़ियों का भरोसा |
भारतीय क्रिकेट में नए युग की शुरुआत
भारतीय टी20 टीम फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है। सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के बिना घोषित स्क्वॉड में चयनकर्ताओं ने भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
ऐसे में श्रेयस अय्यर की कप्तानी और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।















