Vaibhav – आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए धमाकेदार बल्लेबाजी करने वाले युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियों में रहे। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जिस तरह बड़े-बड़े गेंदबाजों की धुनाई की, उससे क्रिकेट जगत प्रभावित हुआ।
हालांकि, उनकी बल्लेबाजी की तारीफ के बीच कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी फील्डिंग पर सवाल भी उठाए थे।
अब श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई नेशन ए वनडे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने एक ऐसा कैच लपका है, जिसने उनके आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है।
अफगानिस्तान ए के खिलाफ पकड़ा शानदार कैच
इंडिया ए टीम के लिए खेल रहे वैभव सूर्यवंशी का बल्ला इस सीरीज में अब तक ज्यादा नहीं चला है, लेकिन उनकी फील्डिंग लगातार चर्चा में बनी हुई है।
अफगानिस्तान ए के खिलाफ 17 जून को खेले गए मुकाबले में वैभव ने ऐसा कैच पकड़ा, जिसे इस टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ कैचों में शामिल किया जा सकता है।
भारत द्वारा दिए गए 320 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान की पारी के छठे ओवर में यह शानदार नजारा देखने को मिला।
हवा में उछलकर पूरा किया मुश्किल कैच
वैभव सूर्यवंशी ऑनसाइड में बेहद करीबी फील्डिंग पोजीशन पर खड़े थे। बल्लेबाज खालिद तनीवाल ने गेंद को उनके ऊपर से खेलने की कोशिश की।
गेंद तेजी से वैभव के सिर के ऊपर से जा रही थी, लेकिन युवा खिलाड़ी ने शानदार रिफ्लेक्स दिखाते हुए हवा में छलांग लगाई और पहले गेंद की गति को रोका।
गेंद हवा में उछल गई, जिसके बाद उन्होंने पीछे की ओर दौड़ लगाई और शानदार डाइव लगाकर कैच पूरा कर लिया।
यह कैच सिर्फ फुर्ती ही नहीं बल्कि बेहतरीन फिटनेस, संतुलन और गेंद पर लगातार नजर बनाए रखने की क्षमता का भी शानदार उदाहरण था।
आईपीएल में फील्डिंग को लेकर हुई थी आलोचना
आईपीएल 2026 के दौरान वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की खूब चर्चा हुई थी, लेकिन फील्डिंग को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था।
आईपीएल में खेले गए 23 मुकाबलों में उन्होंने केवल दो कैच पकड़े थे। कुछ मौकों पर उनकी फील्डिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप नहीं दिखाई दी थी।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बेहतरीन फील्डर रहे मोहम्मद कैफ समेत कई विशेषज्ञों ने कहा था कि अगर वैभव को भारतीय टीम में लंबे समय तक खेलना है तो उन्हें अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगा।
कुछ ही हफ्तों में दिखा बड़ा बदलाव
ऐसा लगता है कि वैभव ने आलोचनाओं को सकारात्मक रूप में लिया और अपनी कमजोरियों पर मेहनत की।
श्रीलंका दौरे पर उनकी फील्डिंग में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। अफगानिस्तान ए के खिलाफ पकड़ा गया यह शानदार कैच इसी मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
महज 15 साल की उम्र में जिस तरह उन्होंने दबाव के क्षण में यह मुश्किल कैच पकड़ा, उसने उनके उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखा दी है।
इंडिया ए के लिए बढ़ती अहमियत
हालांकि इस सीरीज में वैभव का बल्ला अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है, लेकिन उनकी ऊर्जा, फील्डिंग और मैदान पर मौजूदगी टीम के लिए काफी अहम साबित हो रही है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैभव अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग में भी लगातार सुधार करते रहे तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक संपूर्ण खिलाड़ी मिल सकता है।















