Rathour : सचिन के बाद ऐसा टैलेंट नहीं देखा’, पूर्व बैटिंग कोच विक्रम राठौर ने की वैभव सूर्यवंशी की बड़ी तारीफ

Atul Kumar
Published On:
Rathour

Rathour – भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी लगातार अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे हैं। 15 वर्षीय इस युवा बल्लेबाज ने हाल ही में श्रीलंका में खेली गई ट्राई नेशन ए सीरीज के फाइनल में 29 गेंदों में 94 रनों की तूफानी पारी खेलकर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया।

आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव को आगामी 26 जून से शुरू होने वाली आयरलैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में भी शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इस दौरे पर उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू लगभग तय है।

इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले 25-30 वर्षों में सचिन तेंदुलकर के बाद ऐसा असाधारण टैलेंट नहीं देखा है।

’25-30 साल में ऐसा टैलेंट नहीं देखा’

21 जून 2026 को दिए गए एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में विक्रम राठौर ने कहा,

“वैभव सूर्यवंशी बेहद फ्लेक्सिबल खिलाड़ी हैं। उनके स्ट्रोक प्ले के बारे में बहुत लोग बात कर चुके हैं, लेकिन जिस तरह वह बल्लेबाजी करते हैं, जिस तरह उनका बैट फ्लो है और बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने जिस तरह दबदबा बनाया है, वह अद्भुत है।”

उन्होंने आगे कहा,

“मैं पिछले 30 साल से क्रिकेट से जुड़ा हूं, लेकिन ऐसा टैलेंट मैंने नहीं देखा। यह हमारे लिए भी एक सरप्राइज है।”

सचिन तेंदुलकर के बाद पहली बार दिखा ऐसा खिलाड़ी

विक्रम राठौर ने कहा कि उन्हें महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ खेलने का मौका मिला था और वह एक असाधारण प्रतिभा थे।

उन्होंने कहा,

“मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे सचिन तेंदुलकर के साथ खेलने का मौका मिला। वह अलग ही स्तर के खिलाड़ी थे। उनके बाद शायद वैभव सूर्यवंशी जैसा टैलेंट देखने को मिला है।”

राठौर के अनुसार, वैभव की शॉट मेकिंग, टाइमिंग और लंबे छक्के लगाने की क्षमता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

‘वैभव वन-डायमेंशनल खिलाड़ी नहीं हैं’

पूर्व बल्लेबाजी कोच ने वैभव की सबसे बड़ी खूबी उनकी अनुकूलन क्षमता को बताया।

उन्होंने कहा,

“वह सिर्फ एक ही तरह की क्रिकेट नहीं खेलते। वह परिस्थितियों को समझते हैं और उसके अनुसार अपनी बल्लेबाजी बदल सकते हैं।”

राठौर ने राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के मुकाबले का उदाहरण देते हुए कहा कि मुश्किल विकेट पर वैभव ने धैर्य दिखाया और जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी की।

दबाव में भी दिखाते हैं परिपक्वता

राठौर ने कहा कि वैभव केवल आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि वह परिस्थिति के अनुसार खेल को नियंत्रित करना भी जानते हैं।

  • जरूरत पड़ने पर आक्रमण करते हैं।
  • मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य दिखाते हैं।
  • मैच की मांग के अनुसार बल्लेबाजी करते हैं।
  • अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को ढाल सकते हैं।

यही कारण है कि उन्हें भविष्य का बड़ा खिलाड़ी माना जा रहा है।

सचिन से तुलना पर क्या बोले राठौर?

हालांकि विक्रम राठौर ने सचिन तेंदुलकर और वैभव सूर्यवंशी की सीधी तुलना करने से बचने की सलाह दी।

उन्होंने कहा,

“दो अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों की तुलना नहीं करनी चाहिए। लेकिन अगर सचिन आज की पीढ़ी में खेल रहे होते तो वह भी परिस्थितियों के अनुसार खुद को उसी तरह ढाल लेते जैसे वैभव करते हैं।”

आयरलैंड दौरे पर हो सकता है डेब्यू

वैभव सूर्यवंशी को आगामी आयरलैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें इस दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है।

क्रिकेट प्रशंसक भी उनकी बल्लेबाजी को भारतीय जर्सी में देखने के लिए उत्साहित हैं।

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