World Cup : विश्व कप तक खेलने में सक्षम – हरभजन ने दिया जोरदार समर्थन

Atul Kumar
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World Cup – शारजाह की उमस में खड़े हरभजन सिंह का चेहरा भले शांत दिख रहा था, लेकिन उनके शब्दों में हल्की-सी तपिश साफ झलक रही थी। रोहित शर्मा और विराट कोहली—दो नाम जो पिछले पंद्रह साल से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं—उनके भविष्य पर लगातार उठ रहे सवालों ने हरभजन को भीतर तक खटका दिया है।
और सच कहें, उनकी बातों में आज भारतीय क्रिकेट फैन का भी वही दर्द सुनाई दे रहा है।

रोहित–कोहली का भविष्य आखिर तय कौन कर रहा है?

यह शायद पहली बार नहीं, लेकिन शायद सबसे खुलकर कही गई बात है—हरभजन सिंह ने साफ-सीधे शब्दों में कहा कि यह “दुर्भाग्यपूर्ण” है कि ऐसे लोग, जिन्होंने अपने क्रिकेट करियर में कोई बड़ा मुकाम हासिल नहीं किया, वे आज रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के भविष्य पर फैसला सुना रहे हैं।

रोहित 38 के हो चले हैं, कोहली 37 के—और दोनों अब केवल वनडे क्रिकेट खेलते हैं।
2027 वनडे विश्व कप तक वे रहेंगे या नहीं, यह बहस पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया, पैनल डिस्कशनों और चयन बैठकों के इर्द-गिर्द घूम रही है।

लेकिन मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर दोनों ने इस मुद्दे पर कोई ठोस जवाब देने से परहेज किया है। न हाँ, न ना—बस एक तरह की चुप्पी।

“यह मेरे साथ भी हुआ था…” — हरभजन का दर्द पुराना है

शारजाह में बात करते हुए भज्जी थोड़े रुके, हल्का सा हंसे भी, लेकिन उनकी झुंझलाहट छिपी नहीं।
उन्होंने कहा:

“यह मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा क्योंकि मैं खुद खिलाड़ी रहा हूं।
जो मैं आज देख रहा हूं, वह मेरे साथ भी हुआ था… मेरे कई साथियों के साथ हुआ था। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस पर कोई चर्चा भी नहीं होती।”

दरअसल, यह सिर्फ रोहित–कोहली की बात नहीं है।
यह उस “अदृश्य शक्ति” की बात है जो भारतीय क्रिकेट में हमेशा से मौजूद रही है—जहाँ चयन का तर्क प्रदर्शन से कम और भविष्य की कहानी लिखने वाले कुछ चुनिंदा लोगों से ज्यादा प्रभावित होता है।

कोहली और रोहित—क्या अब भी टीम के एंकर?

संख्याएँ झूठ नहीं बोलतीं, और अभी की संख्याएँ दोनों का पक्ष मजबूती से पकड़ कर खड़ी हैं।

विराट कोहली

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर बैक-टू-बैक शतक।
35 के बाद उनकी ODI औसत दुनिया में नंबर 1—इस पर हमने पहले पूरा लेख भी किया है।

रोहित शर्मा

पिछली चार पारियों में—
दो अर्द्धशतक, एक दमदार शतक।
शुरुआती ओवर का दबदबा, मिडिल में नियंत्रण, और टीम को मंच देने की क्षमता—अब भी जस की तस।

भज्जी की लाइन यहाँ बेहद सटीक थी—
“उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और शुरू से ही टीम को डिलीवर किया है।”

2027 विश्व कप—क्या रोहित–कोहली तक पहुंचेंगे?

दोनों 2027 विश्व कप में क्रमशः 41 और 40 वर्ष के होंगे।
आम खिलाड़ी के लिए यह उम्र “करियर एंडगेम” मानी जाती है।
लेकिन रोहित और विराट?
ये दोनों सामान्य खिलाड़ी तो कभी थे ही नहीं।

हरभजन ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि यह जोड़ी अगली पीढ़ी के लिए भी मानक सेट करती रहेगी और 2027 विश्व कप में भारत के पास एक अनुभवी, तैयार और भूखी टीम होगी।

यह भरोसा अचानक पैदा नहीं हुआ—यह उन आंकड़ों, उस फिटनेस और उस मानसिकता पर खड़ा है जिसने भारतीय क्रिकेट को एक दशक से ज्यादा समय तक संभाला है।

लेकिन विवाद वहीं—कौन लेगा अंतिम फैसला?

गंभीर और अगरकर की चुप्पी को कुछ लोग “सोची–समझी रणनीति” कह रहे हैं—शायद टीम मिक्स को धीरे-धीरे ट्रांज़िशन देना।
कुछ इसे “अनावश्यक अनिश्चितता” कह रहे हैं।

वहीं हरभजन का संकेत और सवाल दोनों गहरे हैं—
क्या भारतीय क्रिकेट को अपने दो महानतम बल्लेबाजों के भविष्य पर फैसला ऐसे लोगों के हाथ में छोड़ना चाहिए जिनका खुद का खेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ खास उपलब्धियाँ नहीं रखता?

ये सवाल प्रणाली से बड़ा है—यह सम्मान और पारदर्शिता का सवाल है।

प्रदर्शन अभी भी मानक तय कर रहा

विराट और रोहित की फॉर्म देखें तो यह बहस कुछ हद तक कृत्रिम भी लगती है।

हालिया प्रदर्शन की झलक

खिलाड़ीहालिया फॉर्म (ODI)प्रमुख उपलब्धि
विराट कोहलीSA के खिलाफ लगातार 2 शतक35+ उम्र में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ औसत
रोहित शर्मा4 पारियों में 2 फिफ्टी + 1 शतकपारी की नींव रखने में अब भी बेस्ट

भज्जी के शब्दों में—
“वे आज भी युवा पीढ़ी को दिखा रहे हैं कि चैंपियन बनने के लिए क्या करना पड़ता है।”

क्या 2027 विश्व कप बिना उनके सोचा भी जा सकता है?

यही वह बड़ा सवाल है जो कोचिंग स्टाफ और चयन समिति के सामने टिका हुआ है।
क्या इतना बड़ा टूर्नामेंट बिना दो सबसे अनुभवी और फॉर्म में मौजूद बल्लेबाजों के खेला जा सकता है?
भज्जी का जवाब साफ है—ये दोनों न सिर्फ खेलने चाहिए, बल्कि अगली पीढ़ी के लिए “स्टैंडर्ड–बियरर” की तरह मौजूद रहना चाहिए।

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Atul Kumar

Atul Kumar

क्रिकेट को देखता हूं और समझता हूं और आप लोगों तक नए-नए सूचनाएं पहुंचाने की कोशिश करता हूं। लाइफ में हमेशा नई-नई चीजों को सीखने का शौक रखता हु, पुराने न्यूज़ को नए तरीके से प्रस्तुत करता हूं।

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