IND vs NZ – जनवरी की ठंड में भारतीय ड्रेसिंग रूम के अंदर माहौल गरम है। 21 जनवरी से शुरू होने वाली भारत–न्यूजीलैंड पांच मैचों की टी20 सीरीज़ से पहले खिलाड़ी सिर्फ फिटनेस पर नहीं, बल्कि बारीकियों पर काम कर रहे हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो अचानक वायरल हो गया—संजू सैमसन, नेट्स में पसीना बहाते हुए, और सामने खड़े हैं युवराज सिंह। कोई कैमरा-फ्रेंडली सेशन नहीं, कोई दिखावा नहीं। बस बैट, गेंद और तकनीक की सीधी बात।
और यहीं से कहानी दिलचस्प हो जाती है।
युवराज सिंह का असर: गुरु वही, कहानी अलग
पिछले कुछ समय से युवराज सिंह का नाम भारतीय क्रिकेट में फिर से गूंजने लगा है।
पहले अभिषेक शर्मा—जो युवराज के साथ ट्रेनिंग के बाद भारतीय टी20 टीम के अहम सदस्य बन गए।
फिर शुभमन गिल—जिनके खेल में आए ठहराव और परिपक्वता के पीछे युवराज की सलाह को अंदरखाने बड़ी वजह माना गया।
और अब—संजू सैमसन।
वायरल वीडियो में साफ दिखता है कि युवराज संजू को सिर्फ शॉट्स नहीं बता रहे, बल्कि फुटवर्क, बैलेंस और शॉट सिलेक्शन पर बारीकी से बात कर रहे हैं। संजू भी पूरे ध्यान से सुन रहे हैं—जैसे उन्हें पता हो कि यह मौका यूं ही नहीं आया।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी और संजू की बेचैनी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब दूर नहीं है।
7 फरवरी से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट से पहले भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 टी20 मैच खेलने हैं। यह सीरीज़ सिर्फ तैयारी नहीं—सेलेक्शन का आखिरी इम्तिहान भी है।
संजू सैमसन इस स्क्वॉड का हिस्सा हैं, लेकिन उनका रोल अब भी पूरी तरह लॉक नहीं है। पिछले साल उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा, फिर भी उन्होंने टीम में अपनी जगह बचाए रखी। और शायद यही वजह है कि वह अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।
ओपनिंग की रेस: संजू बनाम बाकी सब
टीम संयोजन इस वक्त खुला हुआ है।
शुभमन गिल की चोट और उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता ने टॉप ऑर्डर में एक दरवाज़ा खोल दिया है।
माना जा रहा है कि संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं। यह वही भूमिका है, जहां संजू सबसे ज्यादा खतरनाक दिखते हैं—पावरप्ले में आज़ादी, फील्ड अंदर, और टाइमिंग पर भरोसा।
लेकिन भारत जैसी टीम में कुछ भी स्थायी नहीं होता।
2024: जब संजू सबसे आगे थे
एक बात अक्सर भूल जाती है—2024 में संजू सैमसन भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।
| साल | पारियां | रन | स्थिति |
|---|---|---|---|
| 2024 | 12 | 436 | भारत के लिए सर्वाधिक |
इसके बावजूद, जैसे ही शुभमन गिल की ओपनिंग में वापसी हुई, संजू को नीचे खिसकना पड़ा।
टीम मैनेजमेंट ने जितेश शर्मा को निचले क्रम में उनकी उपयोगिता के कारण प्राथमिकता दी। नतीजा—संजू के मौके सीमित होते चले गए।
यह वही दौर था, जहां बहुत से खिलाड़ी टूट जाते हैं।
लेकिन संजू ने इंतज़ार किया।
विकेटकीपिंग नहीं तो बल्लेबाज़ी—संजू तैयार हैं
एक और बड़ा बदलाव संभव है।
अगर टीम कॉम्बिनेशन ऐसा बनता है कि ईशान किशन विकेटकीपिंग संभालें, तो संजू को एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ के तौर पर खिलाया जा सकता है।
और शायद संजू को इससे फर्क नहीं पड़ता।
उनके करीबियों की मानें तो वह साफ कह चुके हैं—
“रोल कुछ भी हो, काम सिर्फ रन बनाना है।”
युवराज सिंह से टिप्स लेना भी इसी सोच का हिस्सा लगता है। तकनीक को सरल करना, फुटवर्क को स्थिर करना—ताकि बड़े मौके पर दिमाग नहीं, मसल मेमोरी चले।
युवराज स्कूल ऑफ बैटिंग: क्यों खास है?
युवराज सिंह सिर्फ छक्कों के लिए नहीं जाने जाते।
उनकी सबसे बड़ी ताकत थी—दबाव में भी सादगी।
अभिषेक शर्मा इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।
शुभमन गिल के खेल में भी जो ठहराव दिखता है, वह अचानक नहीं आया।
अब अगर संजू सैमसन उस लिस्ट में जुड़ते हैं, तो यह महज़ संयोग नहीं होगा।
न्यूजीलैंड सीरीज़: संजू के लिए सुनहरा मौका
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20 मैच—
ना सिर्फ तैयारी,
बल्कि पोज़िशन पक्की करने का आखिरी स्टेज।
अगर संजू को ओपनिंग मिलती है और वह रन बनाते हैं, तो टी20 वर्ल्ड कप में उनकी जगह पर बहस खत्म हो सकती है।
अगर नहीं—तो लाइन लंबी है।
कैमरे से दूर, काम पर फोकस
संजू सैमसन का युवराज सिंह से टिप्स लेना कोई PR मूव नहीं लगता।
यह उस खिलाड़ी की कोशिश है, जो जानता है कि टैलेंट काफी नहीं होता—टाइमिंग भी चाहिए।
और जब गुरु ऐसा हो, जिसने बड़े से बड़े मंच पर हालात को मात दी हो,
तो उम्मीद बढ़ जाती है।
अब सवाल बस एक है—
क्या संजू इस मौके को उसी तरह भुनाएंगे, जैसे युवराज कभी करते थे?
जवाब, 21 जनवरी से मिलना शुरू होगा।



















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