DPL 2026 – दिल्ली प्रीमियर लीग के तीसरे सीजन में देव चौधरी अचानक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। हालांकि, उनकी चर्चा शानदार प्रदर्शन की वजह से नहीं बल्कि उनकी बल्लेबाजी और फील्डिंग के तरीके को लेकर हो रही है।
सोशल मीडिया पर देव चौधरी के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें फैंस उनके खेलने के अंदाज पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने तो 22 वर्षीय क्रिकेटर को सीधे तौर पर ‘फ्रॉड’ तक कह दिया। हालांकि, उनके खिलाफ किसी तरह के चयन धोखाधड़ी के आरोप की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
दो मैच खेले, फिर टीम से हुए ड्रॉप
देव चौधरी ने नई दिल्ली टाइगर्स के लिए DPL 2026 में दो मुकाबले खेले।
16 अगस्त को साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज के खिलाफ उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा गया, लेकिन वह खाता खोले बिना आउट हो गए।
इसके बाद उनके ओपनिंग करने पर सवाल उठने लगे। फैंस ने उनकी बल्लेबाजी तकनीक और स्टांस को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा की।
इसके बाद देव ने 19 अगस्त को वेस्ट दिल्ली लायंस के खिलाफ दूसरा मुकाबला खेला। इस मैच में उन्होंने 24 गेंदों पर 16 रन बनाए, जिसमें तीन चौके शामिल थे।
इसके बाद उन्हें अगले मुकाबले से बाहर कर दिया गया।
नई दिल्ली टाइगर्स हालांकि प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकी।
देव चौधरी की बल्लेबाजी पर उठे सवाल
देव को साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज के खिलाफ मैच में पारी की शुरुआत करने भेजा गया था।
यही फैसला सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा का कारण बना। क्रिकेट फैंस ने सवाल उठाया कि देव को इतने महत्वपूर्ण स्थान पर भेजने के पीछे क्या वजह थी।
उनके बल्लेबाजी स्टांस और शॉट खेलने के तरीके के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।
कुछ यूजर्स ने उनके अनुभव पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उन्होंने सीनियर क्रिकेट में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसके आधार पर उन्हें DPL में ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई।
चयन को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा
देव चौधरी के चयन को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वह DPL 2026 ऑक्शन का हिस्सा नहीं थे, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रेंचाइजी ने उन्हें करीब 1 लाख रुपये में टीम में शामिल किया था।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी वजह से उनके चयन को लेकर चल रही सोशल मीडिया चर्चाओं को फिलहाल दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
2021 के DDCA ट्रायल डॉक्यूमेंट में नाम होने का दावा
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि देव चौधरी का नाम 2021 के DDCA अंडर-19 शुरुआती ट्रायल डॉक्यूमेंट में शामिल था।
बताया गया है कि उस दस्तावेज में उन्हें ऑलराउंडर के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
उनकी भूमिका के तौर पर मध्यक्रम बल्लेबाज और राइट-आर्म सीम गेंदबाज का उल्लेख होने की बात कही गई है।
हालांकि, इस दस्तावेज से उनके मौजूदा DPL चयन की पूरी प्रक्रिया या टीम में जगह मिलने का कारण स्पष्ट नहीं होता।
‘फ्रॉड’ कहे जाने के बावजूद कोई चयन घोटाला साबित नहीं
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने देव चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार और कथित प्रभाव को लेकर भी दावे किए हैं।
लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि देव चौधरी द्वारा किसी तरह के चयन फ्रॉड किए जाने का कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है।
न ही अभी तक दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) या नई दिल्ली टाइगर्स की ओर से उनके चयन को लेकर किसी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि की गई है।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों को तथ्य मानना सही नहीं होगा।
देव चौधरी का DPL 2026 प्रदर्शन
| मैच | प्रदर्शन |
|---|---|
| साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज के खिलाफ | 0 रन |
| वेस्ट दिल्ली लायंस के खिलाफ | 16 रन (24 गेंद) |
| कुल रन | 16 रन |
दो मैचों में देव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इसी वजह से उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ टीम में उनके चयन पर भी सवाल उठाए गए।
सोशल मीडिया पर क्यों मचा बवाल?
देव चौधरी के मामले में तीन चीजें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं:
- उनकी बल्लेबाजी तकनीक और स्टांस
- फील्डिंग और रनिंग के वीडियो
- DPL में उनके चयन को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे
हालांकि, किसी युवा खिलाड़ी के वायरल वीडियो के आधार पर उसके पूरे क्रिकेट करियर या चयन प्रक्रिया पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
जब तक DDCA या फ्रेंचाइजी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक चयन को लेकर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को अप्रमाणित दावे ही माना जाना चाहिए।













