Women’s Asia Cup – पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम आगामी महिला टी20 एशिया कप की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। टूर्नामेंट के लिए टीम ने अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए एक अलग और चुनौतीपूर्ण तरीका अपनाया है।
पाकिस्तान की महिला खिलाड़ियों ने लाहौर में पुरुष क्रिकेटरों के खिलाफ पूरे 20 ओवर का प्रतिस्पर्धी मुकाबला खेलकर खुद को मुश्किल परिस्थितियों के लिए तैयार किया।
महिला टी20 एशिया कप का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में होना है। पाकिस्तान की टीम इस टूर्नामेंट में पिछले संस्करण के प्रदर्शन से बेहतर करना चाहती है। पिछली बार टीम सेमीफाइनल में श्रीलंका से हारकर बाहर हो गई थी।
पाकिस्तान महिला टीम पिछले 10 वर्षों से एशिया कप के फाइनल में जगह नहीं बना सकी है। ऐसे में टीम की नजर इस बार फाइनल में पहुंचने और खिताब के लिए चुनौती पेश करने पर है।
पुरुष टीम के खिलाफ खेला पूरा 20 ओवर का मैच
क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान महिला टीम ने लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में आयोजित प्री-टूर्नामेंट कैंप के दौरान अब्दुल कादिर क्रिकेट एकेडमी की पुरुष टीम के खिलाफ मुकाबले खेले।
इन मुकाबलों को महज सीनारियो गेम या प्रैक्टिस मैच की तरह आयोजित नहीं किया गया था। इसके बजाय इन्हें पूरे 20 ओवर के प्रतिस्पर्धी मैच के रूप में खेला गया।
इसका उद्देश्य महिला खिलाड़ियों को दबाव की परिस्थितियों में निर्णय लेने और मजबूत विरोधी के खिलाफ अपनी रणनीति पर अमल करने की आदत डालना था।
दबाव में फैसला लेने की क्षमता पर फोकस
पाकिस्तान महिला टीम के कैंप में इन मुकाबलों का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना था।
पुरुष खिलाड़ियों की तेज गेंदबाजी, बेहतर फिटनेस और प्रतिस्पर्धी माहौल ने पाकिस्तानी महिला खिलाड़ियों को अपनी स्किल्स का परीक्षण करने का मौका दिया।
इन मैचों के जरिए टीम मैनेजमेंट यह देखना चाहता था कि खिलाड़ी दबाव में किस तरह फैसले लेती हैं और मुश्किल समय में अपनी रणनीति पर कितना भरोसा रखती हैं।
फातिमा सना ने बताया क्यों जरूरी थे ये मैच
पाकिस्तान महिला टीम की कप्तान फातिमा सना का मानना है कि पुरुष क्रिकेटरों के खिलाफ खेले गए मुकाबलों से टीम की तैयारियों को काफी फायदा मिला।
सना ने कहा कि टीम ने लड़कों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी मैच खेले, जिसमें खिलाड़ियों पर दबाव था। उनके मुताबिक इन मुकाबलों से मिली सीख आगामी टूर्नामेंट की चुनौती का सामना करने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि टीम एशिया कप के लिए अच्छी तरह तैयार है और खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों में खुद को परख लिया है।
पाकिस्तान के T20I प्रदर्शन पर उठे हैं सवाल
पाकिस्तान महिला टीम का हालिया T20I क्रिकेट रिकॉर्ड उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।
टीम को खास तौर पर दबाव वाली परिस्थितियों में अपनी पकड़ बनाए रखने में परेशानी हुई है। छोटी-छोटी गलतियों का खामियाजा टीम को करीबी मुकाबलों में भुगतना पड़ा है।
इस साल के टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने पांच मैच खेले, जिसमें उसे सिर्फ एक जीत मिली। यह जीत नीदरलैंड्स के खिलाफ आई थी।
वहीं पाकिस्तान को दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ करीबी मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था।
इन मैचों में खराब फील्डिंग और दबाव के समय बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण टीम की आलोचना भी हुई।
फातिमा सना बोलीं- दबाव में पैनिक नहीं करना है
कप्तान फातिमा सना ने माना कि टीम को दबाव वाली परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभालने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में दबाव हमेशा सामने आता है और टीम को यह समझना जरूरी है कि उस दबाव को कैसे संभालना है।
पुरुष टीम के खिलाफ खेले गए मैचों से इसी पहलू पर काम करने में मदद मिली।
सना ने खिलाड़ियों को संदेश दिया है कि मुश्किल परिस्थितियों में पैनिक बटन दबाने के बजाय शांत रहना जरूरी है। खिलाड़ियों को अपनी मेहनत पर भरोसा रखते हुए तय योजना को लागू करने पर ध्यान देना होगा।
पाकिस्तान के सामने बड़ी चुनौती
पाकिस्तान महिला टीम के लिए एशिया कप का ग्रुप स्टेज आसान नहीं होगा। टीम को ग्रुप A में भारत, थाईलैंड और हांगकांग के साथ रखा गया है।
पाकिस्तान अपना अभियान 1 सितंबर को थाईलैंड के खिलाफ शुरू करेगा।
इसके बाद 5 सितंबर को भारत के खिलाफ मुकाबला होगा, जबकि ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच 7 सितंबर को हांगकांग के खिलाफ खेला जाएगा।
पाकिस्तान का एशिया कप शेड्यूल
| तारीख | मुकाबला |
|---|---|
| 1 सितंबर | पाकिस्तान vs थाईलैंड |
| 5 सितंबर | पाकिस्तान vs भारत |
| 7 सितंबर | पाकिस्तान vs हांगकांग |
पाकिस्तान की नजर ग्रुप स्टेज में मजबूत प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाने पर होगी।
दुबई की परिस्थितियों से भी फायदा
फातिमा सना का मानना है कि दुबई में टूर्नामेंट आयोजित होना पाकिस्तान की टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।
उन्होंने कहा कि दुबई की परिस्थितियां पाकिस्तान जैसी हैं और टीम को अच्छी तरह पता है कि इन परिस्थितियों में किस तरह क्रिकेट खेलना है।
दुबई की परिस्थितियों की जानकारी होने से पाकिस्तान की टीम को पिच, मौसम और गेंदबाजी परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है।
10 साल से फाइनल का इंतजार
पाकिस्तान महिला टीम के लिए इस टूर्नामेंट की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि टीम पिछले 10 वर्षों से एशिया कप के फाइनल में जगह नहीं बना पाई है।
पिछले संस्करण में पाकिस्तान सेमीफाइनल तक पहुंचा था, लेकिन वहां उसे श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
अब टीम इस बार एक कदम आगे बढ़कर फाइनल में पहुंचना चाहती है।
पुरुष टीम के खिलाफ मैचों के जरिए पाकिस्तान ने अपनी खिलाड़ियों को दबाव की परिस्थितियों में परखने की कोशिश की है। अब इसका असर टूर्नामेंट में कितना दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी।













