BCCI – भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बीसीसीआई अब घरेलू क्रिकेट के अंडर-23 वनडे टूर्नामेंट को टी20 फॉर्मेट में बदलने की तैयारी कर रहा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो 2026-27 घरेलू सीजन से युवा खिलाड़ियों को 50 ओवर के बजाय सीधे टी20 मुकाबले खेलने को मिलेंगे।
क्रिकेट के बदलते दौर में यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि अब ज्यादातर युवा खिलाड़ी IPL और फ्रेंचाइजी क्रिकेट को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में बोर्ड भी घरेलू ढांचे को उसी दिशा में ढालता दिख रहा है।
BCCI ने शुरू की रायशुमारी
सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है। बीसीसीआई कोई भी अंतिम फैसला लेने से पहले राज्य क्रिकेट संघों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा करेगा।
एक सूत्र ने पीटीआई से कहा:
“अभी इस पर बातचीत चल रही है। सभी स्टेट एसोसिएशंस की राय लेने के बाद ही अंतिम फैसला होगा। अगर बदलाव होता है तो यह नए घरेलू सीजन से लागू किया जाएगा।”
फिलहाल इस टूर्नामेंट को “स्टेट ए चैंपियनशिप” कहा जाता है।
अभी कैसे खेला जाता है यह टूर्नामेंट?
वर्तमान में यह प्रतियोगिता:
- 50 ओवर फॉर्मेट
- एलीट और प्लेट डिवीजन
में खेली जाती है।
मौजूदा चैंपियंस
| डिवीजन | चैंपियन |
|---|---|
| एलीट | तमिलनाडु |
| प्लेट | मेघालय |
तमिलनाडु ने वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उत्तर प्रदेश को हराकर खिताब जीता था।
वहीं प्लेट डिवीजन में मेघालय ने मिजोरम को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी।
टी20 फॉर्मेट में बदलाव क्यों?
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट का पूरा फोकस तेजी से टी20 क्रिकेट की ओर बढ़ा है।
विशेषकर:
- IPL का प्रभाव
- फ्रेंचाइजी लीग्स
- आक्रामक बल्लेबाजी
- तेज स्कोरिंग
ने घरेलू संरचना को भी प्रभावित किया है।
कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को कम उम्र से ही टी20 pressure situations में खेलने का अनुभव देना जरूरी हो गया है।
यही वजह है कि बोर्ड अब Under-23 level पर भी white-ball structure बदलने पर विचार कर रहा है।
क्या इससे वनडे क्रिकेट प्रभावित होगा?
यही सबसे बड़ा सवाल है।
कुछ पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि अगर Under-23 स्तर पर 50 ओवर क्रिकेट कम होगा, तो भविष्य में अच्छे वनडे खिलाड़ी तैयार करने में दिक्कत आ सकती है।
एक पूर्व चयनकर्ता ने ऑफ रिकॉर्ड कहा:
“T20 जरूरी है, लेकिन 50-over cricket बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों की तकनीक विकसित करता है। पूरी तरह छोटे फॉर्मेट की ओर जाना संतुलन बिगाड़ सकता है।”
हालांकि दूसरी तरफ कुछ कोच इसे practical move मान रहे हैं क्योंकि आज के युवा खिलाड़ी पहले से ही T20-centric mindset में तैयार हो रहे हैं।
CK Nayudu Trophy पर फिलहाल असर नहीं
अंडर-23 रेड-बॉल क्रिकेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी:
- मल्टी-डे फॉर्मेट
- रेड-बॉल टूर्नामेंट
के रूप में जारी रहेगी।
इस साल तमिलनाडु ने डिंडीगुल में महाराष्ट्र को हराकर यह खिताब जीता था।
यानी BCCI फिलहाल red-ball development structure को छेड़ना नहीं चाहता।
IPL में ACU की सख्ती बढ़ी
इसी बीच बीसीसीआई की Anti-Corruption Unit (ACU) ने IPL टीमों के लिए नई सख्त guidelines जारी की हैं।
बोर्ड ने:
- खिलाड़ियों
- सपोर्ट स्टाफ
- टीम अधिकारियों
के होटल कमरों में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
यह फैसला “हनी ट्रैप”, सुरक्षा जोखिम और संभावित भ्रष्टाचार के मामलों को रोकने के लिए लिया गया है।
अब बिना अनुमति नहीं मिलेगा एंट्री
BCCI द्वारा फ्रेंचाइजियों को भेजे गए निर्देशों के मुताबिक:
- किसी भी guest को खिलाड़ी या अधिकारी के कमरे में जाने से पहले
- टीम मैनेजर की लिखित अनुमति
लेनी होगी।
सूत्रों के अनुसार ACU ने कुछ “प्रोटोकॉल उल्लंघन” और suspicious activities नोट की थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
यह फैसला IPL ecosystem में security tightening के तौर पर देखा जा रहा है।
खिलाड़ियों की privacy और सुरक्षा पर फोकस
हाल के वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का pressure और commercial value काफी बढ़ चुकी है।
ऐसे में बोर्ड अब:
- player safety
- data privacy
- anti-corruption monitoring
को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है।
विशेषकर युवा खिलाड़ियों को लेकर ACU ज्यादा alert है क्योंकि वे आसानी से influence हो सकते हैं।















