IND vs SL – भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन टीम इंडिया की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। भारतीय टीम ने रविवार को दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 460/9 रन बना लिए थे, लेकिन इसके बावजूद सोमवार सुबह भारत ने अपनी पारी जारी रखी।
भारत ने तीसरे दिन केवल चार गेंदें खेलीं और दो रन जोड़कर 462 रन पर ऑलआउट हो गया। इस फैसले पर पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज डोड्डा गणेश ने टीम मैनेजमेंट को घेरा है। उनका कहना है कि जब भारत के पास सिर्फ एक विकेट बचा था और सामने दो पुछल्ले बल्लेबाज थे, तो तीसरे दिन सुबह बल्लेबाजी करने की जरूरत ही क्या थी।
डोड्डा गणेश ने पूछा- तीसरे दिन बैटिंग क्यों की?
भारत की पारी 460/9 के स्कोर पर रविवार को समाप्त हुई थी। क्रीज पर कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा मौजूद थे।
सोमवार सुबह दोनों बल्लेबाज मैदान पर उतरे। भारत ने सिर्फ चार गेंदों का सामना किया और दो रन जोड़ने के बाद प्रसिद्ध कृष्णा आउट हो गए।
इसके बाद भारत की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हुई।
इसी फैसले पर डोड्डा गणेश ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि तीसरे दिन सुबह दो पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करने की जरूरत क्यों पड़ी।
दूसरे दिन भी घोषणा नहीं करने पर उठाया था सवाल
डोड्डा गणेश ने सिर्फ तीसरे दिन की रणनीति पर सवाल नहीं उठाया है।
इससे पहले दूसरे दिन ध्रुव जुरेल के आउट होने के बाद भी भारत की पारी घोषित नहीं करने पर उन्होंने सवाल किया था।
उनका मानना था कि जुरेल के आउट होने के बाद भारत को अपनी पारी घोषित कर देनी चाहिए थी, ताकि श्रीलंका के बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजों को ज्यादा समय मिल सके।
बारिश के कारण पहले दो दिनों में काफी समय पहले ही बर्बाद हो चुका था। ऐसे में भारत के लिए हर अतिरिक्त ओवर महत्वपूर्ण था।
बारिश ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता
गॉल टेस्ट में बारिश पहले ही मैच का काफी समय खराब कर चुकी है। तीसरे दिन भी बारिश की संभावना बनी हुई थी।
ऐसे में भारतीय टीम के सामने चुनौती थी कि वह श्रीलंका को जल्द से जल्द आउट करे और मैच में जीत की स्थिति मजबूत करे।
भारत की नजर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने पर भी है।
इसी वजह से डोड्डा गणेश को टीम मैनेजमेंट का यह फैसला ज्यादा रक्षात्मक नजर आया।
भारत ने बनाए 462 रन
भारतीय टीम की पहली पारी का सबसे बड़ा आकर्षण देवदत्त पडिक्कल रहे।
पडिक्कल ने शानदार 167 रन की पारी खेली और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
उनके अलावा भारतीय बल्लेबाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और टीम ने 462 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
तीसरे दिन भारत ने सिर्फ दो रन जोड़ने के बाद अपनी पारी समाप्त की।
भारत की पहली पारी: 462 रन
- कुलदीप यादव – नाबाद 13 रन
- प्रसिद्ध कृष्णा – 2 रन
- देवदत्त पडिक्कल – 167 रन
सिराज ने पहली ही गेंदों में दिया झटका
462 रन के जवाब में श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही।
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पारी की दूसरी ही गेंद पर निशान फर्नांडो को आउट कर दिया। उनका कैच पहली स्लिप में देवदत्त पडिक्कल ने पकड़ा।
इसके बाद श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ता गया।
मानव सुथार ने पहली ही गेंद पर चटकाया विकेट
युवा स्पिनर मानव सुथार ने अपने टेस्ट डेब्यू को शानदार अंदाज में शुरू किया।
उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल को आउट कर दिया।
इसके बाद सुथार ने लाहिरू उदारा को भी अपना शिकार बनाया। उनकी गेंदों में टर्न देखने को मिला और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को परेशानी हुई।
कुलदीप की गेंद पर गिल ने पकड़ा शानदार कैच
श्रीलंका के बल्लेबाज कामिंदु मेंडिस ने कुलदीप यादव की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की।
गेंद हवा में ऊंची गई और भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शानदार डाइव लगाकर कैच पकड़ लिया।
कामिंदु मेंडिस 14 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद रवींद्र जडेजा ने श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा को 21 रन के स्कोर पर आउट कर दिया।
लंच तक श्रीलंका की हालत खराब
भारतीय गेंदबाजों ने पहले सेशन में श्रीलंका के शीर्ष क्रम को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।
लंच तक श्रीलंका ने 99 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे।
भारतीय गेंदबाजों की ओर से मानव सुथार सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहे, जबकि सिराज, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
क्या भारत ने गंवाया अतिरिक्त समय?
डोड्डा गणेश के सवाल का मूल मुद्दा यही है कि भारत ने अपनी पहली पारी को पहले क्यों नहीं घोषित किया।
अगर भारत 460/9 पर ही पारी घोषित कर देता तो उसे तीसरे दिन सुबह के कुछ महत्वपूर्ण ओवर श्रीलंका के खिलाफ गेंदबाजी के लिए मिल सकते थे।
हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने 462 रन तक पहुंचने का फैसला किया और प्रसिद्ध कृष्णा के आउट होने के बाद पारी समाप्त हुई।
यह फैसला मैच के अंतिम नतीजे पर कितना प्रभाव डालता है, यह खेल खत्म होने के बाद ही स्पष्ट होगा।













