IND vs SL – भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में खेला जा रहा है। दो दिन का खेल समाप्त होने के बाद शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। भारत ने अपनी पहली पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 460 रन बना लिए हैं।
भारत के इस बड़े स्कोर में सबसे अहम योगदान देवदत्त पडिक्कल का रहा। चोटिल साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में पडिक्कल को नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिला और उन्होंने इस अवसर को पूरी तरह भुना लिया।
पडिक्कल ने 167 रनों की करियर-बेस्ट पारी खेलकर न सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।
श्रीलंका में 150+ रन बनाने वाले पांचवें भारतीय
देवदत्त पडिक्कल श्रीलंका की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में 150 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले पांचवें भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
उनसे पहले यह कारनामा:
- सचिन तेंदुलकर
- वीरेंद्र सहवाग
- शिखर धवन
- चेतेश्वर पुजारा
कर चुके हैं।
पडिक्कल ने 167 रन की पारी खेलकर इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली।
सबसे कम उम्र में श्रीलंका में 150+ रन
पडिक्कल ने सिर्फ 150 रन का आंकड़ा पार नहीं किया, बल्कि एक उम्र संबंधी रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
वह श्रीलंका में 150+ रन बनाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
इससे पहले इस उपलब्धि के लिए किसी भारतीय बल्लेबाज ने 29 साल की उम्र से पहले यह मुकाम हासिल नहीं किया था।
पडिक्कल ने कम उम्र में यह बड़ी उपलब्धि हासिल करके अपने टेस्ट करियर के लिए मजबूत संकेत दिए हैं।
नंबर-3 पर पुजारा का रिकॉर्ड भी तोड़ा
पडिक्कल की 167 रन की पारी का एक और खास पहलू रहा।
श्रीलंका में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भारतीय का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर अब पडिक्कल के नाम हो गया है।
इस मामले में उन्होंने अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को पीछे छोड़ दिया।
श्रीलंका में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 150 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में अब पडिक्कल का नाम सबसे ऊपर है।
58 साल पुराना रिकॉर्ड भी किया ध्वस्त
देवदत्त पडिक्कल ने विदेशी जमीन पर नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने वाले बाएं हाथ के भारतीय बल्लेबाजों के बीच भी इतिहास रच दिया।
167 रन की पारी के साथ उन्होंने अजीत वाडेकर का 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
वाडेकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 143 रन बनाए थे।
अब पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ 167 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।
यानी करीब छह दशक पुराने रिकॉर्ड को एक युवा भारतीय बल्लेबाज ने पीछे छोड़ दिया।
पडिक्कल के लिए शानदार मौका
साई सुदर्शन की चोट ने भारतीय टीम में नंबर-3 की जगह खाली कर दी थी।
ऐसे समय में टीम मैनेजमेंट ने देवदत्त पडिक्कल पर भरोसा जताया। पडिक्कल ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उससे उन्होंने इस स्थान पर अपनी दावेदारी काफी मजबूत कर दी है।
उनकी पारी में शानदार स्ट्रोक प्ले के साथ-साथ लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की क्षमता भी दिखाई दी।
167 रन की पारी उनके टेस्ट करियर का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।
भारत की नजर 500 के पार पहुंचने पर
दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत का स्कोर 460/9 था।
भारत के पास अभी एक विकेट बचा है और तीसरे दिन टीम की कोशिश होगी कि वह स्कोर को 500 रन के करीब या उससे आगे पहुंचाए।
भारतीय टीम इसके बाद जल्द से जल्द श्रीलंका की पारी शुरू करवाकर उनके बल्लेबाजों पर दबाव बनाना चाहेगी।
पहले दो दिनों में बारिश के कारण खेल प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए समय भी महत्वपूर्ण है। अगर तीसरे दिन मौसम साथ देता है तो भारत श्रीलंका के खिलाफ अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगा।













