Orange Cap – आईपीएल 2026 का ऑरेंज कैप रेस अब किसी एक खिलाड़ी की कहानी नहीं रही—ये हर मैच के साथ बदलती हुई स्क्रिप्ट बन गई है। शुक्रवार को विराट कोहली टॉप पर थे, शनिवार को केएल राहुल ने शतक ठोककर कब्जा किया, फिर वैभव सूर्यवंशी ने धमाका किया… और आखिर में, रात खत्म होते-होते, अभिषेक शर्मा फिर से सबसे आगे खड़े थे। यही IPL है—यहां फॉर्म नहीं, momentum बोलता है।
अभिषेक शर्मा—शांत अंदाज़, बड़ा असर
जयपुर में 29 गेंदों पर 57 रन—सुनने में ये पारी शायद “सेंचुरी” जितनी flashy न लगे, लेकिन impact? सीधा ऑरेंज कैप।
- कुल रन: 380 (8 मैच)
- औसत: 54.28
- हाई स्कोर: 135*
अभिषेक की खासियत यही है—वो हर मैच में टीम को platform देते हैं। बड़े shots भी, gaps भी, और सबसे जरूरी—consistency।
जब बाकी खिलाड़ी एक बड़ी पारी खेलकर आगे बढ़ते हैं, अभिषेक हर मैच में 40–60 जोड़कर race में बने रहते हैं… और फिर एक दिन top पर पहुंच जाते हैं।
वैभव सूर्यवंशी—explosion जारी, लेकिन थोड़ी कमी
वैभव ने जो किया, वो headline बन गया:
- 36 गेंदों में 103
- सीजन में 32 छक्के (सबसे ज्यादा)
लेकिन ऑरेंज कैप? बस कुछ घंटों के लिए।
| खिलाड़ी | मैच | रन |
|---|---|---|
| अभिषेक शर्मा | 8 | 380 |
| वैभव सूर्यवंशी | 8 | 357 |
| केएल राहुल | 7 | 357 |
यहां फर्क छोटा है—सिर्फ 23 रन।
लेकिन IPL में यही 20–30 रन पूरी race बदल देते हैं।
वैभव का खेल ज्यादा explosive है, लेकिन consistency में अभिषेक फिलहाल आगे दिख रहे हैं।
केएल राहुल—एक पारी, सीधा टॉप… फिर नीचे
शनिवार को राहुल ने:
- 152* (पंजाब के खिलाफ)
और सीधा ऑरेंज कैप अपने नाम कर लिया।
लेकिन IPL का calendar किसी का इंतज़ार नहीं करता।
कुछ ही घंटों में:
- वैभव ने शतक मारा
- अभिषेक ने 57 बनाए
और राहुल तीसरे स्थान पर आ गए।
ये बताता है कि:
- सिर्फ एक बड़ी पारी काफी नहीं
- frequency of runs ज्यादा जरूरी है
विराट कोहली—steady, लेकिन पीछे
कोहली ने 81 रन बनाकर टॉप spot हासिल किया था।
लेकिन अब:
- 7 मैचों में 328 रन
- पांचवें स्थान पर
कोहली का pattern अलग है:
- कम risk
- ज्यादा control
- लेकिन strike rate और acceleration कभी-कभी पीछे रह जाता है
और इस सीजन में—जहां 200+ scores आम हो गए हैं—ये approach थोड़ा महंगा पड़ सकता है।
बाकी दावेदार—race अभी खुली है
ऑरेंज कैप की race अभी पूरी तरह open है।
| खिलाड़ी | मैच | रन |
|---|---|---|
| हेनरिक क्लासेन | 8 | 349 |
| विराट कोहली | 7 | 328 |
| ईशान किशन | — | 300+ |
खासकर क्लासेन—जो middle order में खेलते हुए भी top scorers में हैं—एक dangerous contender हैं।
पर्पल कैप—अभी भी कंबोज के पास
जहां बल्लेबाज़ी में लगातार बदलाव हो रहा है, वहीं गेंदबाज़ी में एक नाम टिककर खड़ा है—अंशुल कंबोज।
- 7 मैच
- 14 विकेट
लेकिन competition यहां भी tight है:
| गेंदबाज़ | मैच | विकेट |
|---|---|---|
| अंशुल कंबोज | 7 | 14 |
| इशान मलिंगा | 8 | 14 |
| जोफ्रा आर्चर | 8 | 13 |
| प्रिंस यादव | 7 | 13 |
| भुवनेश्वर कुमार | 7 | 11 |
यहां भी एक good spell पूरी ranking बदल सकता है।
क्या trend दिख रहा है?
इस सीजन के कुछ साफ patterns:
- top-order बल्लेबाज़ dominate कर रहे हैं
- strike rate पहले से ज्यादा important हो गया है
- और “anchor role” थोड़ा fade हो रहा है
अभिषेक शर्मा इस नए model का perfect example हैं—aggressive, लेकिन controlled।
आगे क्या?
अब सवाल ये नहीं है कि ऑरेंज कैप किसके पास है।
सवाल ये है—कौन इसे टिकाकर रख पाएगा?
क्योंकि:
- हर मैच में 50+ स्कोर बन रहे हैं
- हर दूसरे दिन leaderboard बदल रहा है
अगर अभिषेक को top पर रहना है:
- उन्हें consistency बनाए रखनी होगी
और वैभव जैसे खिलाड़ी—जो एक मैच में 100 बना सकते हैं—हमेशा पीछे खड़े हैं।















