LSG – लखनऊ सुपर जायंट्स का IPL 2026 अभियान अब लगभग खत्म माना जा रहा है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ 228 रन बनाने के बावजूद मिली हार ने टीम को points table में बेहद मुश्किल स्थिति में पहुंचा दिया है। लेकिन इस हार के बाद सबसे ज्यादा चर्चा सिर्फ टीम की नहीं, बल्कि ऋषभ पंत की हो रही है।
27 करोड़ रुपये की भारी कीमत, कप्तानी का दबाव और लगातार खराब प्रदर्शन—इन सबके बीच अब LSG के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर खुलकर अपने कप्तान के समर्थन में उतर आए हैं।
और उन्होंने साफ कहा—
“27 करोड़ रुपये हमेशा अच्छे प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते।”
27 करोड़ की कीमत और बढ़ती scrutiny
जब LSG ने ऋषभ पंत को mega रकम में अपने साथ जोड़ा था, तब expectations भी उसी स्तर की थीं।
Fans को उम्मीद थी:
- explosive batting
- fearless captaincy
- और match-winning consistency
लेकिन IPL 2026 में अब तक कहानी वैसी नहीं रही।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ भी LSG की शुरुआत शानदार थी।
| ओवर | स्कोर |
|---|---|
| 8 ओवर | 123/1 |
| अंतिम स्कोर | 228/5 |
ऐसा लग रहा था कि टीम 250 के करीब पहुंच सकती है।
लेकिन middle overs में momentum थोड़ा धीमा पड़ा और आखिरकार MI ने target chase कर लिया।
पंत फिर नहीं कर पाए impact
निकोलस पूरन और मिचेल मार्श ने foundation तैयार कर दी थी।
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| निकोलस पूरन | 63 |
| मिचेल मार्श | 44 |
लेकिन पंत उस platform को बड़े score में convert नहीं कर पाए।
यही वजह है कि social media पर फिर वही सवाल लौट आया—
क्या pressure उनके game को प्रभावित कर रहा है?
जस्टिन लैंगर ने क्यों किया खुलकर बचाव?
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिन लैंगर ने साफ तौर पर कहा कि पैसा और प्रदर्शन हमेशा सीधे जुड़े नहीं होते।
उन्होंने कहा:
“कप्तानी आसान नहीं होती। उस पर काफी दबाव होता है। लेकिन वह लगातार मेहनत कर रहा है।”
लैंगर का tone defensive कम और supportive ज्यादा दिखा।
उन्होंने बार-बार ये जोर दिया कि पंत form से “बहुत दूर नहीं” हैं।
practice match में पंत ने ठोके 95 रन
लैंगर ने एक दिलचस्प बात भी reveal की।
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले हुए practice match में पंत ने:
- 30-40 गेंदों में
- लगभग 95 रन
बना दिए थे।
और कोच के मुताबिक वही “best version of Rishabh Pant” था।
यानी टीम management अब भी मानता है कि पंत सिर्फ एक innings दूर हैं comeback से।
कप्तानी और batting—दोनों का दबाव?
यहीं discussion और interesting हो जाती है।
क्योंकि IPL में captain-batters अक्सर double pressure में रहते हैं:
- tactical decisions
- batting responsibility
- media scrutiny
- auction price expectations
और पंत के मामले में ये सारी चीजें एक साथ मौजूद हैं।
विशेषकर तब, जब team लगातार हार रही हो।
batting order experiments पर भी बोले लैंगर
इस season LSG की batting order लगातार चर्चा में रही।
विशेषकर:
- पंत का ऊपर batting करना
- पूरन का नीचे जाना
- opening combinations बदलना
इन सब पर सवाल उठते रहे हैं।
लेकिन लैंगर ने इन बदलावों को defend किया।
उन्होंने कहा:
“आप सही combination खोजने की कोशिश करते हैं। अगर टीम जीत रही हो तो हर कोई कहता है कि strategy सही है।”
ये statement indirectly criticism का जवाब भी था।
निकोलस पूरन बने सबसे बड़ा positive
LSG भले मैच हार गई, लेकिन निकोलस पूरन की innings ने एक बड़ा positive दिया।
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| निकोलस पूरन | 63 | 21 |
पूरन पहली बार इस season नंबर-3 पर आए और तुरंत impact दिखा गए।
8 छक्के।
16 गेंदों में fifty।
और MI bowlers पूरी तरह under pressure।
लैंगर ने भी माना कि टीम की batting का सबसे बड़ा positive “निकी पूरन” रहे।
playoff की उम्मीद अब लगभग खत्म
LSG की स्थिति अब बेहद खराब हो चुकी है।
| मैच | जीत | हार |
|---|---|---|
| 9 | 2 | 7 |
Team points table में निचले पायदान पर है और playoff qualification अब लगभग miracle जैसी स्थिति मांगता है।
क्या अगले season पंत की role clarity जरूरी होगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही बनता जा रहा है।
क्योंकि लगातार बदलावों ने शायद:
- batting rhythm
- team balance
- और player confidence
तीनों को प्रभावित किया।
Experts का मानना है कि:
- पंत की ideal batting position तय करनी होगी
- पूरन को fixed role देना होगा
- और leadership pressure बेहतर तरीके से manage करना होगा
क्या पंत सच में comeback से “ज्यादा दूर नहीं”?
Cricket history कहती है—ऐसे खिलाड़ी अचानक वापसी कर सकते हैं।
और पंत उन rare players में हैं जो:
- instinctive cricket खेलते हैं
- fearless approach रखते हैं
- और momentum बदलने की क्षमता रखते हैं
लेकिन फिलहाल reality यही है—
numbers उनके पक्ष में नहीं हैं।















