Gavaskar – मुंबई इंडियंस ने भले ही लखनऊ सुपर जाएंट्स को हराकर IPL 2026 में सिर्फ अपनी तीसरी जीत दर्ज की हो, लेकिन इस जीत के बाद भी टीम के सबसे बड़े मैच-विनर जसप्रीत बुमराह सवालों के घेरे में आ गए हैं। वजह सिर्फ विकेट नहीं है। असली चिंता उनकी लगातार नो बॉल फेंकने की आदत बनती जा रही है।
और जब सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज लाइव कॉमेंट्री में नाराज दिखें, तो मामला छोटा नहीं माना जाता।
बुमराह की नो बॉल पर भड़के गावस्कर
लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच में जसप्रीत बुमराह ने 3 नो बॉल फेंकी। सबसे बड़ा नुकसान 14वें ओवर में हुआ।
ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने हिम्मत सिंह को आउट कर दिया था। मुंबई को राहत मिली ही थी कि अंपायर ने हाथ फैलाकर नो बॉल का इशारा कर दिया।
उसके बाद मैच पूरी तरह बदल गया।
हिम्मत सिंह ने life मिलने के बाद:
- आक्रामक बल्लेबाजी की
- pressure release किया
- और नाबाद 40 रन ठोक दिए
LSG का स्कोर सीधे 228 तक पहुंच गया।
कॉमेंट्री के दौरान सुनील गावस्कर खुद को रोक नहीं पाए।
“मुझसे मत कहिए कि बुमराह ने नो बॉल फेंकी है। यह स्वीकार्य नहीं है। आप प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं। वाइड समझ सकता हूं, लेकिन नो बॉल? बिल्कुल नहीं।”
उनकी आवाज में frustration साफ सुनाई दे रही थी।
IPL इतिहास में सबसे ज्यादा नो बॉल
ये सिर्फ एक खराब मैच की कहानी नहीं है।
Numbers और ज्यादा चौंकाते हैं।
| गेंदबाज | IPL नो बॉल |
|---|---|
| जसप्रीत बुमराह | 39 |
| दूसरे सक्रिय गेंदबाज | काफी पीछे |
बुमराह अब IPL इतिहास में सबसे ज्यादा नो बॉल फेंकने वाले गेंदबाज बन चुके हैं।
और इस season में ही उन्होंने:
- 8 नो बॉल
- सिर्फ 10 मैचों में
फेंक दी हैं।
एक elite death bowler के लिए ये आंकड़ा unusual माना जाएगा।
विकेट नहीं, confidence भी गायब दिख रहा?
बुमराह की पहचान हमेशा रही है:
- pinpoint yorkers
- calm execution
- pressure overs में control
लेकिन IPL 2026 में तस्वीर अलग दिख रही है।
| मैच | विकेट |
|---|---|
| 10 | 3 |
LSG के खिलाफ भी:
- 4 ओवर
- 45 रन
- 0 विकेट
और जो wicket मिला भी, वो नो बॉल की वजह से cancel हो गया।
यानी frustration double।
क्या workload असर डाल रहा है?
Cricket circles में अब ये सवाल भी उठने लगा है।
पिछले कुछ सालों में:
- लगातार international cricket
- injury recovery phases
- और heavy workload
ने शायद rhythm पर असर डाला हो।
Fast bowlers के लिए landing balance और run-up timing बेहद critical होती है। छोटी सी inconsistency भी no-ball problem पैदा कर सकती है।
लेकिन honestly, fans के लिए ये explanation ज्यादा comfort नहीं देती।
क्योंकि expectations अभी भी वही हैं—
“Bumrah the finisher.”
मुंबई इंडियंस के लिए warning sign?
मुंबई मैच जीत गई, लेकिन bowling concerns अभी खत्म नहीं हुए।
228 रन concede करना अपने आप में बड़ा संकेत है।
विशेषकर तब जब आपके attack में बुमराह हों।
LSG के बल्लेबाजों ने:
- death overs में खुलकर रन बनाए
- length गेंदों को punish किया
- और no-ball mistakes का पूरा फायदा उठाया
| LSG बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| निकोलस पूरन | 63 |
| मिचेल मार्श | 44 |
| हिम्मत सिंह | 40* |
अगर रोहित शर्मा और रियान रिकेल्टन explosive opening partnership नहीं करते, तो शायद कहानी अलग होती।
रोहित-रिकेल्टन ने बचाई MI की इज्जत
228 रन chase करना आसान नहीं था।
लेकिन मुंबई की opening pair ने मैच को शुरुआत में ही tilt कर दिया।
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| रोहित शर्मा | 84 |
| रियान रिकेल्टन | 83 |
दोनों ने पहले विकेट के लिए 143 रन जोड़ दिए।
उसके बाद नमन धीर और विल जैक्स ने finish कर दिया।
मुंबई ने:
- 6 विकेट से
- 8 गेंद बाकी रहते
मुकाबला जीत लिया।
क्या बुमराह वापसी कर पाएंगे?
ये शायद MI fans का सबसे बड़ा सवाल है।
क्योंकि class permanent होती है—
और बुमराह की class पर किसी को doubt नहीं।
लेकिन फिलहाल:
- rhythm missing दिख रही है
- execution inconsistent है
- और confidence थोड़ा shaken लग रहा है
फिर भी एक चीज cricket बार-बार दिखाता है—
elite players अक्सर अचानक वापसी करते हैं।
एक spell।
एक yorker।
और narrative बदल जाता है।
गावस्कर की बात इतनी बड़ी क्यों मानी जा रही?
क्योंकि उन्होंने सिर्फ criticism नहीं किया—
उन्होंने professionalism पर सवाल उठाया।
No-ball को अक्सर:
- concentration issue
- rhythm issue
- या discipline lapse
के तौर पर देखा जाता है।
और जब कोई bowler बुमराह के stature का हो, तो scrutiny और बढ़ जाती है।















