रिंकू सिंह ने इस खिलाड़ी के बल्ले से लगाए 5 छक्के, बन गए IPL के सबसे बड़े फिनिशर

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रिंकू सिंह ने इस खिलाड़ी के बल्ले से लगाए 5 छक्के– आईपीएल 2023 का 13वां मुकाबला केकेआर और गुजरात टाइटंस के बिच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। इस मुकाबले में केकेआर ने गुजरात को 3 विकेट से हरा दिया। इस मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के रिंकू सिंह ने कुछ ऐसा कमाल कर दिखाया जिसे देख हर कोई हैरान रह गया। रिंकू सिंह केकेआर के लिए रातों रात स्टार बन गए।

अंतिम ओवर में उन्होंने लगातार पांच छक्के जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई। लेकिन क्या आपको पता है कि जिस बल्ले से रिंकू ने ये पांच छक्के लगाए वह बल्ला उनका नहीं था।

इस खिलाड़ी के बल्ले से रिंकू ने किया कमाल

रिंकू सिंह ने आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ जो पारी खेली वह उन्होंने कप्तान नितीश राणा के बल्ले से खेली थी। जिन्होंने काफी हिचक के बाद उन्हें यह बल्ला दिया था। केकेआर की पारी की अंतिम पांच गेंद पर बाएं हाथ के बल्लेबाज रिंकू ने यश दयाल पर लगातार पांच छक्के जड़कर रविवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग मैच में अपनी टीम को यादगदार जीत दिलाई। 

क्या बोले कप्तान और कोच

केकेआर के कप्तान राणा ने रविवार को जीत के बाद कहा कि यह बल्ला उनका है (जिसका इस्तेमाल रिंकू ने किया) और इस सीजन उन्होंने दोनों मैच इसी बल्ले से खेले हैं। उन्होंने पूरी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और पिछले साल के आखिरी चार या पांच मैच इसी बल्ले से खेले थे।

उन्होंने कहा कि आज उन्होंने अपना बल्ला बदला। रिंकू ने उनसे उनका बल्ला मांगा। वह शुरुआत में अपना बल्ला नहीं देना चाहते थे लेकिन ड्रेसिंग रूम से कोई यह बल्ला उठा लाया। 

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केकेआर के कप्तान ने टीम के ट्विटर हैंडल पर कहा कि ‘‘मुझे अहसास था कि वह यह बल्ला चुनेगा क्योंकि यह उठाने में काफी अच्छा लगता है और मेरे वजन के हिसाब से यह बल्ला हल्का है। अब यह बल्ला रिंकू का है, मेरा नहीं।’’ केकेआर के मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित ने भी शानदार बल्लेबाजी के लिए रिंकू सिंह की सराहना की।

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पंडित ने कहा, ‘‘कोच, क्रिकेटर, प्रथम श्रेणी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मेरे 43 साल के करियर के दौरान मैंने इससे पहले सिर्फ दो पारियां देखी थी। एक में रवि शास्त्री ने रणजी ट्रॉफी में छह छक्के जड़े थे और दूसरी में जावेद मियांदाद ने दुबई (शारजाह) में अंतिम गेंद में छक्का जड़ा था। इसके बाद मैं रिंकू को ऐसी पारी खेलते हुए देख रहा हूं।’’ 

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मेरा नाम ज्योति विश्वकर्मा है, मेरा जन्मस्थल रोहिणी, दिल्ली है,जहां मैं अपने परिवार संग वास करती हूं। मेने, कालिंदी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई पुर्ण की है। मुझे जीवन के मनोहर पलों को कैमरा मे कैद करना अच्छा लगता है वहीं लिखती मे मजबूरी से नहीं शोक से हूं इसी के साथ जिंदगी के पल मुझे मेरे परिवार के साथ जीना पसंद है समय मिलने पर मां के साथ वक्त बिताना व नई जगहों पर घूमना मेरी प्रिय पसंद है इतिहासिक इमारतें को देखकर मेरे मन में कई कहानियां जन्म के लेती हैं मुझे जिंदगी में सकारात्मक रहना अच्छा लगता है, मेरी जिन्दगी कम पर अच्छे लोगों से परिपूर्ण है लोगो के चेहरे की मुस्कान लाना उनको खुश रखना यही मेरी जिंदगी का सुख है आने वाले समय में, मैं अपनी जिंदगी की कमियों को दूर करने का पूर्ण प्रयास करूंगी